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SSRI ke sexual side effects: क्या ये कभी ठीक होते हैं?

कुछ लोग ठीक हो जाते हैं, कुछ नहीं। EMA ने 2019 में SSRI दवाओं के लेबल बदले, क्योंकि यौन साइड इफ़ेक्ट गोलियाँ बंद होने के बाद भी बने रह सकते हैं।

लेखक: Morten Skovप्रकाशित: अपडेट:

कुछ लोगों में SSRI (सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर) दवाओं के यौन साइड इफ़ेक्ट ठीक हो जाते हैं। कुछ लोगों में ठीक नहीं होते। कोई आपको यह नहीं बता सकता कि आप किनमें से हैं, क्योंकि किसी ने गिनती ही नहीं की। जिस बात में कोई शक नहीं, वह यह है कि ऐसा होता है: यूरोपीय संघ की दवा एजेंसी European Medicines Agency ने 2019 में माना (अंग्रेज़ी में) कि SSRI बंद करने के बाद भी यौन साइड इफ़ेक्ट बने रह सकते हैं।

इसमें क्या-क्या आता है

पोस्ट-SSRI सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन (PSSD) उन असरों का नाम है, जो SSRI या SNRI एंटीडिप्रेसेंट (डिप्रेशन की दवा) बंद करने के बाद भी बने रहते हैं। SSRI दवाओं में सर्ट्रालीन (sertraline; Zoloft, भारत में Serta और Daxid), फ़्लुओक्सेटीन (fluoxetine; Prozac, भारत में Fludac), पैरॉक्सेटीन (paroxetine; Paxil, Seroxat, भारत में Paxidep) और सिटालोप्राम (citalopram; Celexa) आती हैं। SNRI (सेरोटोनिन-नॉरएड्रेनालाईन रीअपटेक इनहिबिटर) दवाओं में वेनलाफ़ैक्सीन (venlafaxine; Effexor, भारत में Venlor) और ड्यूलोक्सेटीन (duloxetine; Cymbalta, भारत में Duzela) आती हैं। लक्षण गोलियाँ लेते समय शुरू होकर बने रह सकते हैं, या सिर्फ़ दवा बंद करने के बाद सामने आ सकते हैं। महिलाओं में यह कैसा दिखता है, यह महिलाओं में PSSD में बताया गया है।

यौन
जननांगों में सुन्नपन, यौन इच्छा खत्म होना, स्तंभन दोष (erectile dysfunction), ऑर्गेज़्म (चरम सुख) न होना या फीका पड़ना, जननांगों में दर्द, निप्पल की संवेदनशीलता कम होना
भावनाएँ
भावनात्मक सुन्नपन (भावनाएँ फीकी पड़ जाना), खुद से कटा हुआ महसूस करना, डिप्रेशन (अवसाद), आत्महत्या के विचार
इंद्रियाँ
“त्वचा, सूँघने, स्वाद या देखने से जुड़ी दूसरी संवेदी समस्याएँ”
सोचना-समझना
सोचने-समझने की क्षमता में कमी, यानी वह ब्रेन फ़ॉग (ध्यान लगाने और साफ़ सोचने में दिक्कत), जिसकी लोग बात करते हैं

ये चार समूह हीली (Healy) और एक अंतरराष्ट्रीय पैनल के 2022 में छपे निदान के मानदंडों (diagnostic criteria) (अंग्रेज़ी में) से लिए गए हैं। आखिरी दो के बारे में ही लोगों से कहा जाता है कि इनका दवा से कोई संबंध नहीं, या यह एंग्ज़ायटी (लगातार घबराहट और बेचैनी) है। ये दोनों मानदंडों में शामिल हैं।

इसे मान्यता मिली है

2019 में European Medicines Agency ने, जो पूरे यूरोपीय संघ (EU) में दवाओं को मंज़ूरी देता है, दवा बनाने वाली कंपनियों से कहा कि वे SSRI और SNRI के लेबल पर दवा बंद करने के बाद भी बने रहने वाले सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन की बात लिखें। 2021 में Health Canada (कनाडा का स्वास्थ्य विभाग) ने भी ऐसा ही किया। इन दोनों का ब्योरा हीली और मैंगिन (Healy and Mangin), 2024 (अंग्रेज़ी में) में है।

लेबल यानी डिब्बे के अंदर रखा लीफ़लेट। अगर आपसे कहा गया था कि यह हमेशा कुछ हफ़्तों में ठीक हो जाता है, तो नियामक इस नतीजे पर नहीं पहुँचे थे।

BBC Panorama ने 19 जून 2023 को The Antidepressant Story (अंग्रेज़ी में) प्रसारित की, जिसमें मरीज़ों ने इसके बारे में बताया। यह एपिसोड BBC iPlayer पर है, जो सिर्फ़ ब्रिटेन में उपलब्ध है।

यह कितना आम है

छपे हुए दो अनुमान, जो 2024 की उसी समीक्षा (अंग्रेज़ी में) में दिए गए हैं:

Lüning, 2019
पहले एंटीडिप्रेसेंट ले चुके लोगों में से 52.6% ने बताया कि उनकी यौन समस्याएँ बनी रहीं
Ben-Sheetrit, 2023
कभी ठीक न होने वाली यौन समस्याओं का 0.46% जोखिम, जिसे लेखक खुद कम करके आँका गया अनुमान कहते हैं
सहमति वाला आँकड़ा
कोई नहीं

दो सौ में से एक, या दो में से एक। हीली और मैंगिन (अंग्रेज़ी में) इस अंतर की चार वजहें बताते हैं, और उनमें से कोई भी यह नहीं है कि लक्षण दिखना मुश्किल है।

  • जो ट्रायल इस सवाल को सुलझा सकता है, वह अनैतिक होगा। किसी वॉलंटियर को यह मानकर दवा नहीं दी जा सकती कि उससे यही होगा।
  • इसे मापने का कोई जाँचा-परखा तरीका नहीं है। सहमति से तय कोई प्रश्नावली नहीं है, इसलिए कोई भी दो अध्ययन एक ही चीज़ नहीं गिनते।
  • लोग बताते नहीं। कुछ को शर्म आती है। कुछ एक बार बताते हैं, उनकी बात टाल दी जाती है, और वे फिर यह बात नहीं उठाते।
  • इसे ऐसे दर्ज नहीं किया जाता कि बाद में खोजा जा सके। डॉक्टर को बताया भी जाए, तब भी मामलों की गिनती करने वाला कोई उस नोट को ढूँढ नहीं पाता।

अगर दवा लिखने वाले डॉक्टर आपको इसकी संभावना बताते हैं, तो पूछें कि यह आँकड़ा किस आधार पर है।

जननांगों के सुन्नपन पर अध्ययन

पिरानी (Pirani) और उनके साथियों ने ऐसे 2,179 लोगों का सर्वे किया, जिनका पहले मानसिक स्वास्थ्य के लिए इलाज हुआ था। यह 2024 में ऑनलाइन और छपे रूप में Social Psychiatry and Psychiatric Epidemiology, 2025 (अंग्रेज़ी में) में आया।

पहले एंटीडिप्रेसेंट ले चुके
13.2% ने जननांगों में बना रहने वाला सुन्नपन बताया (707 में से 93)
मानसिक स्वास्थ्य की दूसरी दवाएँ
0.9% (102 में से 1)
संभावना (adjusted odds)
14.2 गुना ज़्यादा

एक सीमा है, और वह अहम है: यह UnACoRN का एक हिस्सा था, जो अमेरिका और कनाडा में 15 से 29 साल के यौन और जेंडर अल्पसंख्यक लोगों का सर्वे है (अंग्रेज़ी में)। यह पूरी आबादी की दर नहीं है। यह दिखाता है कि एक ही सवाल का जवाब देने वाले दो समूहों के बीच कितना बड़ा अंतर है।

किसी ने गिनती क्यों नहीं की

नियामक आपके शब्द सहेजकर नहीं रखते। वे MedDRA का एक कोड रखते हैं। अगर किसी रिपोर्ट को “sexual dysfunction” जैसे किसी आम कोड में दर्ज किया गया, तो इस पैटर्न को खोजने वाला कोई भी उसे दोबारा नहीं ढूँढ सकता।

एक खास शब्द मौजूद है: Post-SSRI sexual dysfunction, कोड 10086208। हीली और मैंगिन बताते हैं कि इसे “नियामकों ने अपनाया हुआ नहीं लगता” (अंग्रेज़ी में)।

शब्दकोश में यह शब्द है। गिनती करने वाली व्यवस्थाएँ इसका इस्तेमाल नहीं कर रहीं।

MedDRA कोड 10086208
अंग्रेज़ी शब्द: Post-SSRI sexual dysfunction

अगर आपने SSRI या SNRI एंटीडिप्रेसेंट ली थी, तो यही शब्द इस्तेमाल करें। रिपोर्ट में जहाँ अपने शब्दों में लिखने की जगह हो (free-text box), वहाँ यह अंग्रेज़ी शब्द हूबहू लिखें, फिर अपने लक्षण हिंदी में, अपने शब्दों में बताएँ। “PSSD” मरीज़ों का दिया हुआ नाम है, यह MedDRA की शब्दावली में नहीं है, इसलिए इसे अकेले इस्तेमाल न करें। MedDRA का कोई हिंदी संस्करण नहीं है, पर कोड हर भाषा में एक ही है। हमारी रिपोर्टिंग गाइड में ब्रिटेन, अमेरिका और 63 दूसरे देशों की जानकारी है।

आप क्या कर सकते हैं

  1. इसे रिपोर्ट करें। हमारी रिपोर्टिंग गाइड आपके देश का फ़ॉर्म भरने में कदम-दर-कदम मदद करती है। किसी डॉक्टर का आपसे सहमत होना ज़रूरी नहीं, आपको किसी सबूत की ज़रूरत नहीं, और आप दवा बंद करने के सालों बाद भी रिपोर्ट कर सकते हैं।
  2. मरीज़ों की रजिस्ट्री से जुड़ें। साइड इफ़ेक्ट की रिपोर्ट एक प्रतिक्रिया को एक बार दर्ज करती है। रजिस्ट्री एक व्यक्ति को समय के साथ दर्ज करती है, और शोध को इसी की ज़रूरत है।
  3. किसी और को इसके बारे में बताते हुए देखें। ऊपर की फ़िल्म में बेंजामिन चौदह साल से इसके साथ जी रहे हैं। यह आपके लिए कोई भविष्यवाणी नहीं है, लेकिन इससे यह दिखता है कि जल्दी ठीक हो जाने का भरोसा हमेशा सच नहीं निकलता। मरीज़ों की कहानियों में और इंटरव्यू हैं।

कोई आपसे ठीक होने का वादा नहीं कर सकता, और कोई यह भी नहीं कह सकता कि यह स्थायी है। दोनों तरह के मामले होते हैं। जो कोई आपको प्रतिशत बताता है, वह उससे आगे जा रहा है, जो अब तक छपा है।

जो बदल सकता है, वह है रिकॉर्ड। जब तक रिपोर्टें ऐसे शब्द के तहत दर्ज नहीं होतीं, जिसे गिना जा सके, तब तक अनुमानों का यह दायरा इतना ही चौड़ा रहेगा।

अगर आपके लिए यह समय मानसिक रूप से बहुत मुश्किल है, तो टेली मानस (Tele-MANAS) को 14416 पर कॉल करें: यह भारत सरकार की मुफ़्त हेल्पलाइन है, जो 24 घंटे, हर दिन, हिंदी समेत 20 भाषाओं में उपलब्ध है।

सभी उद्धरणों का अंग्रेज़ी से हिंदी में अनुवाद किया गया है।

यह जानकारी डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकती। अपने इलाज के बारे में कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।

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