PSSD पर MHRA, EMA और FDA क्या कहते हैं
तीन दवा नियामकों ने SSRI के लेबल में बने रहने वाले सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन की चेतावनी जोड़ी है। FDA ने ऐसा नहीं किया, और इसे लेकर उस पर मुकदमा चल रहा है।

चार दवा नियामकों से कहा गया कि वे चेतावनी दें कि SSRI (सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर) दवाओं के यौन साइड इफ़ेक्ट गोलियाँ बंद होने के बाद भी जारी रह सकते हैं। इनमें से तीन ने ऐसा किया है। चौथे पर मुकदमा हुआ है।
हर दवा नियामक का रुख
- EMA, यूरोप
- 2019। SSRI और SNRI के लेबल में बने रहने वाला सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन जोड़ा
- MHRA, ब्रिटेन
- EMA के फ़ैसले के मुताबिक चेतावनी जोड़ी, और विशेषज्ञों का एक कार्य समूह बनाया
- Health Canada
- 2021। लेबल में जोड़ा
- TGA, ऑस्ट्रेलिया
- 2024। लेबल में जोड़ा
- FDA, अमेरिका
- लेबल में कोई बदलाव नहीं
EMA (यूरोपीय संघ की दवा एजेंसी) और Health Canada (कनाडा का दवा नियामक) के फ़ैसले Healy और Mangin, 2024 (अंग्रेज़ी में) में दर्ज हैं। MHRA (ब्रिटेन का दवा नियामक) और TGA (ऑस्ट्रेलिया का दवा नियामक) का रुख PSSD Network के पास दर्ज नियामकों के बयानों (अंग्रेज़ी में) में बताया गया है।
शुरुआत कैसे हुई
2018 में RxISK ने EMA, Health Canada और FDA (अमेरिका का दवा नियामक) के सामने एक नागरिक याचिका (citizen petition) (अंग्रेज़ी में) दायर की। इसमें उनसे दो बातें माँगी गईं। पहली, यह चेतावनी कि SSRI और SNRI (सेरोटोनिन-नॉरएड्रेनालाईन रीअपटेक इनहिबिटर) दवाओं से होने वाला सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन दवा बंद करने के बाद भी बना रह सकता है। दूसरी, दवा लिखने वाले डॉक्टरों को इस बारे में पत्र लिखना। इस पर बाईस लोगों ने दस्तखत किए, जिनमें से ज़्यादातर इस बीमारी पर प्रकाशित शोध के लेखक थे।
EMA ने अगले ही साल कदम उठाया। Health Canada ने 2021 में ऐसा किया, और ऑस्ट्रेलिया ने 2024 में।
FDA ने जवाब नहीं दिया
याचिका मिलने की पुष्टि वाले दो पत्र आए, और उसके बाद कुछ नहीं। याचिका अब भी FDA की नागरिक याचिका प्रक्रिया में लंबित है।
मई 2024 में दस्तखत करने वालों में से एक, डॉ. एंटोनी चोका (Antonei Csoka), ने इस देरी को लेकर FDA के खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई शुरू की (अंग्रेज़ी में)। Public Citizen उनकी ओर से पैरवी कर रहा है। RxISK ने इस मामले पर अपना ब्योरा प्रकाशित किया है (अंग्रेज़ी में)।
पोस्ट-SSRI सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन (PSSD), यानी SSRI या SNRI एंटीडिप्रेसेंट बंद करने के बाद भी बनी रहने वाली यौन समस्याओं, के लिए किसी भी अमेरिकी एंटीडिप्रेसेंट (डिप्रेशन की दवा) के लेबल पर कोई black box warning (FDA की सबसे कड़ी चेतावनी) नहीं है। FDA का ऐसा कोई बयान भी नहीं है, जो इस बीमारी को मान्यता देता हो।
अगर आप रिपोर्ट कर रहे हैं, तो इसका क्या मतलब है
नियामकों के इस अलग-अलग रुख से यह बदल जाता है कि आपकी रिपोर्ट क्या काम करती है, और यह इस पर निर्भर है कि आप कहाँ हैं।
ब्रिटेन और यूरोप में चेतावनी पहले से मौजूद है, और MHRA का विशेषज्ञ कार्य समूह इस सवाल की जाँच कर रहा है। वहाँ की गई रिपोर्ट उस प्रमाण में जुड़ती है, जिसके मूल आधार को नियामक पहले ही मान चुका है।
भारत में आप साइड इफ़ेक्ट की रिपोर्ट खुद PvPI (भारतीय भेषज सतर्कता कार्यक्रम) को कर सकते हैं: ipc.gov.in पर हिंदी में मिलने वाले “औषधि दुष्प्रभाव सूचना फॉर्म” से, ADR PvPI 2.0 ऐप से, या टोल-फ़्री हेल्पलाइन 1800-180-3024 पर (सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक)। अमेरिका में रिपोर्टें MedWatch (अमेरिका की व्यवस्था) के ज़रिए FAERS में जाती हैं, जो FDA का साइड इफ़ेक्ट डेटाबेस है। भविष्य का कोई भी फ़ैसला इसी रिकॉर्ड पर आधारित होगा, और फ़िलहाल कोई व्यक्ति मुख्य रूप से इसी में कुछ जोड़ सकता है।
दोनों में से कोई भी व्यवस्था आपके शब्द सहेजकर नहीं रखती। दोनों एक कोड सहेजती हैं।
MedDRA कोड 10086208
अंग्रेज़ी शब्द: Post-SSRI sexual dysfunction
अगर आपने SSRI या SNRI एंटीडिप्रेसेंट ली थी, तो यही शब्द इस्तेमाल करें। रिपोर्ट में जहाँ अपने शब्दों में लिखने की जगह हो (free-text box), वहाँ यह अंग्रेज़ी शब्द हूबहू लिखें, फिर अपने लक्षण हिंदी में, अपने शब्दों में बताएँ। “PSSD” मरीज़ों का दिया हुआ नाम है, यह MedDRA की शब्दावली में नहीं है, इसलिए सिर्फ़ इसे न लिखें। MedDRA का कोई हिंदी संस्करण नहीं है, पर कोड हर भाषा में एक ही है। भारत में: PvPI की हेल्पलाइन 1800-180-3024 या ADR PvPI 2.0 ऐप। हमारी रिपोर्ट करने की गाइड में ब्रिटेन की Yellow Card योजना (ब्रिटेन में साइड इफ़ेक्ट रिपोर्ट करने की व्यवस्था), अमेरिका का MedWatch फ़ॉर्म और 63 दूसरे देशों की जानकारी है।
हीली और मैंगिन लिखते हैं कि यह कोड मौजूद है, लेकिन “ऐसा नहीं लगता कि दवा नियामकों ने इसे अपनाया है” (अंग्रेज़ी में)। अपनी रिपोर्ट में यह शब्द हूबहू लिखने से ही रिपोर्ट जाँचने वाले को इसे सही कोड देने का मौका मिलता है।
लेबल क्यों मायने रखता है
लेबल बदलने से कोई ठीक नहीं होता, और इससे पहले से प्रभावित लोगों को कोई मदद नहीं मिलती। यह बस इस बहस को खत्म कर देता है कि यह चीज़ मौजूद है या नहीं।
अगर दवा लिखने वाले कोई डॉक्टर आपसे कहें कि यौन साइड इफ़ेक्ट दवा बंद करने के कुछ ही हफ़्तों में हमेशा ठीक हो जाते हैं, तो यूरोप, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के लेबल अब कुछ और कहते हैं। यह एक दस्तावेज़ है, कोई राय नहीं, और आप इसे डॉक्टर से मिलने जाते समय साथ ले जा सकते हैं।
अगर आपके लिए यह समय मानसिक रूप से बहुत मुश्किल है, तो टेली मानस (Tele-MANAS) को 14416 पर कॉल करें: यह भारत सरकार की मुफ़्त हेल्पलाइन है, जो 24 घंटे, हर दिन, हिंदी समेत 20 भाषाओं में उपलब्ध है।
सभी उद्धरणों का अंग्रेज़ी से हिंदी में अनुवाद किया गया है।
यह जानकारी डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकती। अपने इलाज के बारे में कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
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आप भी जुड़ें, फिर अपने साइड इफ़ेक्ट रिपोर्ट करें।
- अपनी बीमारी को रिकॉर्ड में दर्ज कराएँ
- जिन अध्ययनों में आप हिस्सा ले सकते हैं, उनकी खबर सबसे पहले पाएँ
- फिर अपने साइड इफ़ेक्ट की रिपोर्ट PvPI को करें