Accutane से आँखों में सूखापन: क्या यह बना रह सकता है?
Accutane (isotretinoin) से आँखें अक्सर सूखती हैं। ब्रिटेन का लीफ़लेट कहता है कि कुछ मामले दवा बंद करने पर ठीक नहीं हुए। मरीज़ बने रहने वाले लक्षणों को PAS कहते हैं।
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आइसोट्रेटिनॉइन (isotretinoin; Accutane, भारत में Isotroin और Sotret) से आँखों का सूखना बहुत आम है, और ब्रिटेन में मरीज़ों के लिए लीफ़लेट (patient leaflet) कहता है कि आँखों के ऐसे सूखेपन की रिपोर्टें आई हैं, जो दवा बंद करने के बाद ठीक नहीं हुआ। दवा के बाद भी जारी रहने वाले लक्षणों को मरीज़ पोस्ट-Accutane सिंड्रोम, यानी PAS, कहते हैं। इस नाम की कोई आधिकारिक परिभाषा नहीं है।
NHS (ब्रिटेन की सरकारी स्वास्थ्य सेवा) का आइसोट्रेटिनॉइन वाला पेज (अंग्रेज़ी में) “आँखों में दर्द” गिनाता है, और यह नहीं कहता कि कोर्स के बाद भी आँखें सूखी रह सकती हैं। इसलिए अगर आखिरी कैप्सूल के महीनों बाद भी आपकी आँखें सूखी लगती हैं, तो इन दोनों बातों को आपस में न जोड़ पाना आसान है।
3 लाइनों में पूरी बात
- ब्रिटेन का लीफ़लेट (अंग्रेज़ी में) सूखी और जलन वाली आँखों को आइसोट्रेटिनॉइन का बहुत आम साइड इफ़ेक्ट बताता है: यह 10 में से 1 से ज़्यादा लोगों को हो सकता है।
- वही लीफ़लेट, अक्टूबर 2026 तक, कहता है: “इलाज बंद करने के बाद भी ठीक न होने वाले आँखों के सूखेपन के मामलों की रिपोर्टें आई हैं।”
- 2026 की एक समीक्षा (अंग्रेज़ी में) कहती है कि पलकों की तेल ग्रंथियों में आए बदलाव कुछ मरीज़ों में बने रह सकते हैं। ऐसा कितनी बार होता है, इसका कोई भरोसेमंद आँकड़ा नहीं है।
प्रेस: contact@sidefxhub.com
मिरियम छोटी बच्ची थीं, तभी से कॉन्टैक्ट लेंस पहनती आई थीं। तीस से चालीस साल की उम्र के बीच उन्होंने कम डोज़ वाले आइसोट्रेटिनॉइन के दो कोर्स किए (ब्रिटेन में यह दवा Roaccutane नाम से बिकती है)। वे बताती हैं कि पहले कोर्स में उन्हें “आँखों में सूखेपन के कुछ दौर” महसूस हुए।
उन्होंने दूसरा कोर्स जनवरी 2023 में खत्म किया, और मई तक वे लेंस बिल्कुल नहीं पहन पा रही थीं। वे बताती हैं कि निदान तक पहुँचने में आँखों के तीन डॉक्टर लगे: अप्रैल 2024 में आँखों के सूखेपन के एक विशेषज्ञ ने उन्हें बताया कि उनकी पलकों की ज़्यादातर तेल ग्रंथियाँ खत्म हो चुकी हैं। विशेषज्ञ ने वजह नहीं बताई, और आइसोट्रेटिनॉइन से इसका संबंध मिरियम ने खुद जोड़ा।
Accutane से आँखों में सूखापन कितना आम है?
ब्रिटेन के लीफ़लेट (अंग्रेज़ी में) के अनुसार, बहुत आम: “आँखें सूखी और जलन भरी महसूस होती हैं”, और ऐसा 10 में से 1 से ज़्यादा लोगों को हो सकता है।
उसकी चेतावनियाँ कहती हैं कि Roaccutane से “कॉन्टैक्ट लेंस बर्दाश्त न होना और देखने में दिक्कतें” भी हो सकती हैं, “जिनमें रात में कम दिखना शामिल है”। हमारा लेख Accutane के लंबे समय तक रहने वाले साइड इफ़ेक्ट रात में देखने वाली चेतावनी को समझाता है।
Newcastle Hospitals ने मुँहासों के अपने मरीज़ों के लिए जो फ़िल्म बनाई है, वह आँखों के सूखेपन को सबसे आम असरों में गिनाती है।
क्या Accutane से हुआ आँखों का सूखापन स्थायी हो सकता है?
कुछ लोगों में आँखों का सूखापन दवा बंद करने के बाद सालों तक बना रहा है। अभी कोई नहीं जानता कि ऐसा किसके साथ होगा, या यह कम होगा या नहीं।
ब्रिटेन में दवा की आधिकारिक जानकारी (product information) (अंग्रेज़ी में), जो डॉक्टरों के लिए लिखी गई है, कहती है कि कोर्स खत्म होने पर आँखों का सूखापन “आम तौर पर ठीक हो जाता है”। लीफ़लेट की तरह वह भी आगे कहती है कि “ठीक न होने वाले” मामलों की रिपोर्टें आई हैं। अक्टूबर 2026 तक, दोनों में से कोई नहीं बताता कि ऐसे मामले कितने हैं।
यह कितनी बार बना रहता है, इसका कोई भरोसेमंद आँकड़ा नहीं है। सबसे नज़दीकी आँकड़ा 1994 का है, जब लीड्स के डॉक्टरों ने आइसोट्रेटिनॉइन लेने के सालों बाद 720 मरीज़ों का हाल जाँचा (अंग्रेज़ी में)। उन्होंने ड्राई आई सिंड्रोम (dry eye syndrome) को लंबे समय का “कभी-कभार होने वाला, पर संभावित” साइड इफ़ेक्ट कहा, और जो भी बने रहने वाले लक्षण उन्हें मिले, उन सबको हल्का बताया।
Pan और उनके साथियों की एक समीक्षा (अंग्रेज़ी में) दो साल से ज़्यादा बने रहने वाले आँखों के सूखेपन को करीब 100 में से 1 मरीज़ में बताती है। वह 1994 के उसी अध्ययन का हवाला देती है, जिसके सार में ऐसा कोई आँकड़ा नहीं है और जिसका पूरा पाठ हम जाँचने के लिए खोल नहीं पाए।
2001 में आँखों के जिन विशेषज्ञों ने केस रिपोर्टों को परखा (अंग्रेज़ी में), उन्होंने आँखों पर हर असर के लिए यह दर्जा तय किया कि उसके दवा से होने की संभावना कितनी है। आँखों का सूखापन “निश्चित” था। आँखों का स्थायी सूखापन “संभव” था, दो दर्जे नीचे।
Accutane पलकों की तेल ग्रंथियों के साथ क्या करती है?
तीन छोटे अध्ययनों में से हर एक में, कोर्स के दौरान स्कैन में ग्रंथियाँ बदली हुई दिखीं। वे कितनी पूरी तरह ठीक होती हैं, इस पर शोध एकमत नहीं है।
आपकी पलकों में तेल की बहुत छोटी ग्रंथियों की कतारें होती हैं, जिन्हें मेइबोमियन ग्रंथियाँ (meibomian glands) कहते हैं। इनका तेल आपके आँसुओं पर परत बनाता है और उनके सूखने को धीमा करता है।
1991 के एक अध्ययन (अंग्रेज़ी में) में 11 मरीज़ों की ग्रंथियों की तस्वीरें इलाज से पहले और इलाज के दौरान ली गईं, और उसके बाद कोई जाँच नहीं हुई। दवा लेते समय वे कम घनी दिखीं।
पोलैंड के एक अध्ययन (अंग्रेज़ी में) में 24 लोगों की जाँच आखिरी कैप्सूल के एक महीने बाद हुई। ग्रंथियों का नुकसान पलटना शुरू हो चुका था, पर वहाँ नहीं लौटा था, जहाँ से शुरू हुआ था, और इसके लेखक इन बदलावों को ठीक हो सकने वाला (reversible) कहते हैं।
तुर्की के एक अध्ययन (अंग्रेज़ी में) में 88 लोगों की जाँच एक साल बाद हुई। उसका सार बताता है कि ग्रंथियों और आँसुओं के स्कोर तब भी इलाज से पहले के मुकाबले खराब थे, और कहता है कि कुछ बदलाव “लंबे समय तक बने रह सकते हैं”। मरीज़ों ने अपने लक्षणों को जो अंक दिए, वे बस थोड़े ही ज़्यादा थे।
तुर्की के इससे पहले के एक अध्ययन (अंग्रेज़ी में) में दो महीने के कोर्स पर 40 लोगों पर नज़र रखी गई। उसमें ग्रंथियों की तस्वीरें नहीं ली गईं, और एक महीने बाद हर असामान्य नतीजा जा चुका था।
चारों में से कोई भी तुलना के लिए समूह (control group) की बात नहीं करता।
पलकों की ग्रंथियों पर हुए अध्ययन कहाँ तक देख पाए हैं
2026 में 43 अध्ययनों की एक समीक्षा (अंग्रेज़ी में) का निष्कर्ष है कि ये बदलाव कुछ मरीज़ों में बने रह सकते हैं। वह कहती है कि किस हद तक, यह अभी अनिश्चित है।
आप क्या कर सकते हैं?
आइसोट्रेटिनॉइन गंभीर मुँहासों वाले बहुत-से लोगों की मदद करती है। अगर आपको साइड इफ़ेक्ट हो रहे हैं, तो आगे क्या करना है, यह फ़ैसला आपका और दवा लिखने वाले डॉक्टर का है।
अगर कोर्स के दौरान आपकी आँखें सूखी रहती हैं, तो ब्रिटेन का लीफ़लेट कहता है कि अपने डॉक्टर को बताएँ। धुँधला दिखने के बारे में वह ज़्यादा सख्त है: “Roaccutane लेना तुरंत बंद करें और अपने डॉक्टर से संपर्क करें”।
अगर कोर्स खत्म होने के बाद से आँखें सूखी ही हैं, तो NHS का आँखों के सूखेपन वाला पेज (अंग्रेज़ी में) ऑप्टिशियन (optician, आँखों की जाँच करने वाले) या GP (ब्रिटेन में फ़ैमिली डॉक्टर) के पास जाने को कहता है, जो आपको आँखों के विशेषज्ञ के पास भेज सकते हैं।
दवा का नाम लें और तारीखें दें: “आइसोट्रेटिनॉइन 30 mg रोज़, जून 2023 से, आखिरी कैप्सूल जनवरी 2024 में। मार्च 2024 से आँखें सूखी हैं और उनमें किरकिरी लगती है। अब मुझसे कॉन्टैक्ट लेंस नहीं पहने जाते।”
कई लोग बताते हैं कि उनकी बात को गंभीरता से लिए जाने में समय लगा। आँखों के “ठीक न होने वाले” सूखेपन पर ब्रिटेन के लीफ़लेट की लाइन साथ ले जाएँ। आप डॉक्टर की सहमति के बिना भी रिपोर्ट कर सकते हैं।
रिपोर्ट करें: इससे सबकी मदद होती है
डॉक्टर के रिकॉर्ड में दर्ज बात आपकी मदद करती है। दवा नियामक को भेजी गई रिपोर्ट बाकी सबकी मदद करती है: इसी से पैटर्न पकड़ में आते हैं।
- कोई सबूत नहीं चाहिए। शक होना ही काफ़ी है, दवा बंद करने के सालों बाद भी।
- कहाँ: भारत में PvPI (भारतीय भेषज सतर्कता कार्यक्रम) को, उसकी हेल्पलाइन 1800-180-3024 या ADR PvPI 2.0 ऐप से। ब्रिटेन में Yellow Card योजना, और अमेरिका में MedWatch।
- सही शब्द इस्तेमाल करें। PAS के लिए अभी रिपोर्टिंग का कोई अपना शब्द नहीं है, इसलिए हर लक्षण का नाम लिखें, आँखों का सूखापन भी, और बताएँ कि वह दवा बंद करने के बाद भी जारी रहा।
हमारी रिपोर्ट करने की गाइड हर कदम समझाती है
लोग और क्या पूछते हैं?
क्या Accutane के बाद कॉन्टैक्ट लेंस पहन सकते हैं? ब्रिटेन का लीफ़लेट कहता है कि लेंस पहनने वालों को “इलाज के दौरान चश्मा पहनने की सलाह दी जा सकती है”, और यह नहीं बताता कि उसके बाद क्या होता है। अमेरिकी लेबल (अंग्रेज़ी में) कहता है कि लेंस पहनने वालों को इलाज के दौरान “और उसके बाद” लेंस पहनने में दिक्कत हो सकती है।
क्या हो सकता है कि आइसोट्रेटिनॉइन अब भी मेरे शरीर में हो? ब्रिटेन में दवा की आधिकारिक जानकारी कहती है कि इलाज खत्म होने के एक महीने के अंदर दवा पूरी तरह निकल जाती है। मिरियम अपने कोर्स के चार महीने बाद लेंस नहीं पहन पा रही थीं। Accutane शरीर में कितने समय तक रहती है? समझाता है कि “क्या दवा मेरे शरीर से निकल चुकी है?” और “क्या साइड इफ़ेक्ट चले गए हैं?” दो अलग सवाल क्यों हैं।
क्या आँखों का सूखापन पोस्ट-Accutane सिंड्रोम का हिस्सा है? शोधकर्ताओं ने 2022 में जो मानदंड सुझाए (अंग्रेज़ी में), वे बने रहने वाले यौन लक्षणों के बारे में हैं और उनमें आँखों का ज़िक्र नहीं है। मरीज़ इस नाम का इस्तेमाल ज़्यादा व्यापक अर्थ में करते हैं। मिरियम, जो PAS को मान्यता दिलाने के लिए आवाज़ उठाती हैं, कहती हैं: “आँखों के सूखेपन की बीमारी मेरे साथ हुई सबसे बुरी चीज़ है”। Post-Accutane syndrome में कैसा महसूस होता है? में दूसरे लोगों के अपने शब्द हैं। बाकी जानकारी पोस्ट-Accutane सिंड्रोम वाले हमारे पेज पर है।
मिरियम बताती हैं कि उनके पहले आँखों के डॉक्टर ने नहीं पूछा कि उन्होंने कौन-सी दवाएँ ली थीं, और उन्हें खुद भी उस दवा का ज़िक्र करने का ध्यान नहीं आया, जो वे पहले ही खत्म कर चुकी थीं। अगर आइसोट्रेटिनॉइन के बाद से आपकी आँखें सूखी ही हैं, तो यह बात बताएँ: अपने आँखों के डॉक्टर को, और एक रिपोर्ट में।
स्रोत
- Roaccutane 10 mg soft capsules (isotretinoin), मरीज़ों के लिए लीफ़लेट (अंग्रेज़ी में), Electronic Medicines Compendium (EMC 100633), ब्रिटेन। आखिरी बार अप्रैल 2026 में संशोधित; 12 अक्टूबर 2026 को पढ़ा गया। सेक्शन 2, चेतावनियाँ: “Roaccutane से आँखों में सूखापन, कॉन्टैक्ट लेंस बर्दाश्त न होना और देखने में दिक्कतें हो सकती हैं, जिनमें रात में कम दिखना शामिल है”। अगला वाक्य: “इलाज बंद करने के बाद भी ठीक न होने वाले आँखों के सूखेपन के मामलों की रिपोर्टें आई हैं”। फिर: “अगर आपको इनमें से कोई लक्षण हो, तो अपने डॉक्टर को बताएँ”। आगे वह कहता है कि डॉक्टर आपसे आँखों को चिकनाई देने वाला मरहम (lubricating eye ointment) या आँसुओं की जगह लेने वाला इलाज (tear replacement therapy) इस्तेमाल करने को कह सकते हैं। लेंस पहनने वालों को “इलाज के दौरान चश्मा पहनने की सलाह दी जा सकती है”। अगर देखने में दिक्कतें होने लगें, तो आपको विशेषज्ञ के पास भेजा जा सकता है और दवा लेना बंद करने को कहा जा सकता है। सेक्शन 2, गाड़ी चलाना: “हो सकता है कि इलाज के दौरान आपको रात में उतना अच्छा न दिखे। यह अचानक हो सकता है”। वह आगे कहता है: “दुर्लभ मामलों में यह इलाज बंद होने के बाद भी जारी रहा है”। सेक्शन 4, आँखों की समस्याएँ, बहुत दुर्लभ: “अगर आपको धुँधला दिखे, तो Roaccutane लेना तुरंत बंद करें और अपने डॉक्टर से संपर्क करें”। सेक्शन 4, बहुत आम (10 में से 1 से ज़्यादा लोगों को हो सकते हैं): “आँख में सूजन (कंजंक्टिवाइटिस) और पलकों के हिस्से में सूजन; आँखें सूखी और जलन भरी महसूस होती हैं”। यही एंट्री पाठकों से कहती है कि सही आई ड्रॉप के बारे में फ़ार्मासिस्ट से पूछें, और यह कि लेंस पहनने वालों को उनकी जगह चश्मा पहनना पड़ सकता है। सेक्शन 4, बहुत दुर्लभ: रात में कम दिखना, रंग देखने की क्षमता, रोशनी से चुभन और नज़र की दूसरी समस्याएँ।
- Roaccutane 10 mg soft capsules, दवा की आधिकारिक जानकारी (summary of product characteristics) (अंग्रेज़ी में), EMC 100633, ब्रिटेन। 27 अप्रैल 2026 को संशोधित; 12 अक्टूबर 2026 को पढ़ा गया। सेक्शन 4.4, आँखों की समस्याएँ: “आँखों का सूखापन, कॉर्निया में धुँधलापन (corneal opacities), रात में कम दिखना और केराटाइटिस (keratitis) आम तौर पर इलाज बंद करने के बाद ठीक हो जाते हैं”। अगला वाक्य: “इलाज बंद करने के बाद भी ठीक न होने वाले आँखों के सूखेपन के मामलों की रिपोर्टें आई हैं”। वह आगे कहता है कि कॉन्टैक्ट लेंस बर्दाश्त न होने पर इलाज के दौरान चश्मा पहनना पड़ सकता है। सेक्शन 4.7: रात में कम दिखना “दुर्लभ मामलों में” इलाज के बाद भी बना रहा है। सेक्शन 4.8 ब्लेफ़राइटिस (पलकों की सूजन), कंजंक्टिवाइटिस, आँखों के सूखेपन और आँखों में जलन को बहुत आम बताता है। सेक्शन 4.4, गर्भावस्था वाली चेतावनी: इलाज खत्म होने के एक महीने के अंदर दवा “पूरी तरह निकल जाती है”।
- Absorica and Absorica LD (isotretinoin), अमेरिकी लेबल और Medication Guide (अंग्रेज़ी में), DailyMed, US National Library of Medicine। अगस्त 2026 में संशोधित; 12 अक्टूबर 2026 को पढ़ा गया। सेक्शन 5.13, आँखों का सूखापन: “आइसोट्रेटिनॉइन के इस्तेमाल के दौरान मरीज़ों में आँखों के सूखेपन की रिपोर्टें आई हैं”। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों को इलाज के दौरान “और उसके बाद” उन्हें “पहनने में दिक्कत हो सकती है”। Medication Guide (मरीज़ों के लिए गाइड): “कुछ मरीज़ों को इलाज के दौरान आँखों में सूखापन हो जाता है”। सेक्शन 5.13 यह भी कहता है कि रात में कम दिखना कुछ मामलों में इलाज बंद होने के बाद भी बना रहा है। अक्टूबर 2026 तक, लेबल यह नहीं कहता कि खुद आँखों का सूखापन दवा बंद करने के बाद जारी रह सकता है।
- NHS, Isotretinoin (Roaccutane) (अंग्रेज़ी में), पेज की आखिरी समीक्षा 26 जून 2026 को। साइड इफ़ेक्ट में “आँखों, नाक या गले में दर्द” शामिल है। अक्टूबर 2026 तक, पेज आँखों के सूखेपन, कॉन्टैक्ट लेंस या दवा बंद करने के बाद भी जारी रहने वाली आँखों की समस्याओं का ज़िक्र नहीं करता।
- NHS, Dry eyes (अंग्रेज़ी में), पेज की आखिरी समीक्षा 6 जनवरी 2025 को। वह कहता है कि ऑप्टिशियन या GP को दिखाएँ, अगर “कुछ हफ़्ते घर पर इलाज आज़माने के बाद भी आपकी आँखें सूखी हैं”, या अगर आपकी पलकों का आकार बदल जाए। अगर कोई वजह न मिले, तो वे आपको जाँच के लिए आँखों के विशेषज्ञ (ophthalmologist) के पास भेज सकते हैं। पेज उस तेल की बात करता है, जो “आपकी आँखों के आसपास की ग्रंथियाँ बनाती हैं”। वह यह भी कहता है कि डॉक्टर की सलाह के बिना डॉक्टर की लिखी दवा बंद न करें।
- Goulden V, Layton AM, Cunliffe WJ. Long-term safety of isotretinoin as a treatment for acne vulgaris (अंग्रेज़ी में)। British Journal of Dermatology, 1994; 131(3): 360-3। General Infirmary at Leeds। हमने सिर्फ़ सार पढ़ा है। 720 मरीज़, औसत फ़ॉलो-अप 4.9 साल (2 से 12 साल तक)। उनमें से 52 (7.2%) ने बने रहने वाले लक्षण बताए, ज़्यादातर त्वचा और शरीर की अंदरूनी नम परतों (mucous membranes) के, जो “सभी मामलों में हल्के” थे। ड्राई आई सिंड्रोम उनमें था, जिन्हें “लंबे समय के कभी-कभार होने वाले, पर संभावित साइड इफ़ेक्ट माना गया”। सार में आँखों के सूखेपन का कोई अलग आँकड़ा नहीं है। ये एक ही अस्पताल के मरीज़ थे, 30 साल से भी पहले।
- Pan JT, Daniel BS, Tan B और अन्य। Highlighting ophthalmic adverse effects associated with isotretinoin (अंग्रेज़ी में)। Life (Basel), 2026; 16(9): 1441। एक वर्णनात्मक समीक्षा (narrative review), जिसे हमने पूरा पढ़ा है। वह कहती है कि दवा बंद करने के बाद दो साल से ज़्यादा बने रहने वाले आँखों के सूखेपन के लक्षण “1% मरीज़ों में होने की रिपोर्ट है”, और Goulden 1994 का हवाला देती है, जिसके सार में आँखों के सूखेपन का कोई आँकड़ा नहीं है। वह यह भी लिखती है कि कम ही अध्ययन ग्रंथियों पर खुद मुँहासों के असर को हिसाब में लेते हैं। वह कहती है कि कम ही अध्ययनों ने दवा बंद करने के बाद लोगों की जाँच की, इसलिए यह अनिश्चित है कि बदलाव पलटते हैं या नहीं, और यह कि लंबे समय के प्रमाण सीमित हैं।
- Fraunfelder FT, Fraunfelder FW, Edwards R. Ocular side effects possibly associated with isotretinoin usage (अंग्रेज़ी में)। American Journal of Ophthalmology, 2001; 132(3): 299-305। हमने सिर्फ़ सार पढ़ा है। 1,741 केस रिपोर्टों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के कारण-संबंध वाले पैमाने पर दर्जा दिया गया: निश्चित, संभावित, संभव, असंभावित, या जिसे किसी दर्जे में नहीं रखा जा सकता। “निश्चित” में आँखों का सूखापन (ocular sicca), कॉन्टैक्ट लेंस कम बर्दाश्त होना और मेइबोमियन ग्रंथियों का सिकुड़ना (atrophy) शामिल हैं। “संभव” में स्थायी केराटोकंजंक्टिवाइटिस सिक्का (keratoconjunctivitis sicca, यानी आँखों का सूखापन) शामिल है। केस रिपोर्टें दिखाती हैं कि क्या रिपोर्ट किया गया। वे यह नहीं दिखा सकतीं कि ऐसा कितनी बार होता है।
- Mathers WD, Shields WJ, Sachdev MS और अन्य। Meibomian gland morphology and tear osmolarity: changes with Accutane therapy (अंग्रेज़ी में)। Cornea, 1991; 10(4): 286-90। हमने सिर्फ़ सार पढ़ा है। 11 मरीज़ों की जाँच इलाज से पहले और इलाज के दौरान हुई। तस्वीरों में ग्रंथियाँ “काफ़ी कम घनी और सिकुड़ी हुई (atrophic) दिखीं”। दवा बंद करने के बाद कोई जाँच नहीं हुई।
- Fineide FA, Reppe S, Mantaka P और अन्य। Isotretinoin and dry eye disease: a systematic review (अंग्रेज़ी में)। Current Eye Research, 2026, 5 अगस्त को ऑनलाइन। हमने सिर्फ़ सार पढ़ा है। 43 लेख। लक्षणों और जाँच में दिखने वाले संकेतों के बिगड़ने की बात अक्सर दर्ज थी, खासकर मेइबोमियन ग्रंथियों की बनावट और काम के मामले में। उसका निष्कर्ष: यह दवा कुछ मरीज़ों में ग्रंथियों में “बने रहने वाले बदलाव पैदा कर सकती है”, और लंबे समय में ये किस हद तक रहते हैं और मरीज़ के लिए इनका कितना मतलब है, यह “अनिश्चित बना हुआ है”। सार मेइबोमियन ग्रंथियों को पलकों की सिबेशियस (sebaceous, यानी तेल) ग्रंथियाँ कहता है, और कहता है कि जो दवा त्वचा की ऐसी ग्रंथियों पर असर करती है, वह इन पर भी असर डाल सकती है।
- Zakrzewska A, Wiącek MP, Słuczanowska-Głąbowska S और अन्य। The effect of oral isotretinoin therapy on meibomian gland characteristics in patients with acne vulgaris (अंग्रेज़ी में)। Ophthalmology and Therapy, 2023; 12(4): 2187-97। श्चेचिन (Szczecin), पोलैंड। हमने इसे पूरा पढ़ा है। 24 मरीज़ (48 आँखें), जिनका इलाज 24 से 32 हफ़्ते चला। उनकी जाँच इलाज से पहले, 3 महीने पर और इलाज खत्म होने के 1 महीने बाद हुई। मेइबोमियन ग्रंथियों का नुकसान इलाज के दौरान बढ़ा और उसके बाद घटा, पर तब भी इलाज से पहले के स्तर से ज़्यादा था। ग्रंथियों के तेल की गुणवत्ता भी इलाज से पहले के स्तर पर नहीं लौटी। लक्षणों के स्कोर (OSDI) बाद की दोनों जाँचों में इलाज से पहले के मुकाबले ज़्यादा थे। तुलना के लिए कोई समूह नहीं था। लेखक इन बदलावों को ठीक हो सकने वाला (reversible) कहते हैं और बताते हैं कि वे कम होने लगे थे।
- Tanriverdi C, Nurozler Tabakci B, Donmez S. Longitudinal assessment of meibomian glands and tear film layer in systemic isotretinoin treatment (अंग्रेज़ी में)। European Journal of Ophthalmology, 2022; 32(2): 885-93 (मई 2021 में ऑनलाइन)। इस्तांबुल, तुर्की। हमने सिर्फ़ सार पढ़ा है। 88 मरीज़, औसत उम्र 21 साल, जिनका इलाज 4 से 8 महीने चला और जिनकी जाँच इलाज से पहले, उसके दौरान और उसके बाद हुई। इलाज खत्म होने के बारह महीने बाद, ग्रंथियों के ठीक से काम न करने, ग्रंथियों की तस्वीरों, आँसू की परत टूटने के समय (tear break-up time), कॉर्निया पर दाग (corneal staining) और पलक के किनारे के स्कोर, सब इलाज से पहले के मानों से अलग थे, और हर एक बदतर की तरफ़। लक्षणों का औसत स्कोर (OSDI, 0 से 100 तक अंक देने वाली एक प्रश्नावली) इलाज से पहले 0.54 और बारह महीने बाद 1.90 था। सार में तुलना के लिए किसी समूह का ज़िक्र नहीं है। उसका निष्कर्ष: कुछ बदलाव इलाज के बाद “लंबे समय तक बने रह सकते हैं”।
- Bozkurt B, Irkeç MT, Atakan N और अन्य। Lacrimal function and ocular complications in patients treated with systemic isotretinoin (अंग्रेज़ी में)। European Journal of Ophthalmology, 2002; 12(3): 173-6। अंकारा, तुर्की। हमने सिर्फ़ सार पढ़ा है। 40 मरीज़, जिनका इलाज दो महीने चला; उनकी जाँच इलाज से पहले, दूसरे महीने के दौरान और इलाज खत्म होने के कम से कम एक महीने बाद हुई। आँसुओं के टेस्ट और आँखों की जाँच हुई, ग्रंथियों की तस्वीरें नहीं ली गईं। “इलाज बंद होने के एक महीने बाद सभी असामान्य नतीजे गायब हो गए”। सार में तुलना के लिए किसी समूह का ज़िक्र नहीं है।
- Healy D, Bahrick A, Bak M और अन्य। Diagnostic criteria for enduring sexual dysfunction after treatment with antidepressants, finasteride and isotretinoin (अंग्रेज़ी में)। International Journal of Risk & Safety in Medicine, 2022; 33(1): 65-76। हमने इसे पूरा पढ़ा है। आइसोट्रेटिनॉइन के मानदंड बने रहने वाले यौन लक्षणों के बारे में हैं, जिन्हें यह लेख पोस्ट-रेटिनॉइड सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन कहता है। न तो मानदंड, न ही आइसोट्रेटिनॉइन के बाद रिपोर्ट हुए दूसरे असरों की इस लेख वाली सूची आँखों का ज़िक्र करती है। लेख कहता है कि पोस्ट-Accutane सिंड्रोम नाम “बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है”।
- YouTube पर Moral Medicine, मिरियम के साथ इंटरव्यू (अंग्रेज़ी में), 13 अक्टूबर 2025; हमारे पेज पर यह एक अंश के रूप में 13:13 से 14:01 तक चलता है। उनका पहला कोर्स 2020 में, जब वे 30 साल की हुईं, 5:31 पर। कॉन्टैक्ट लेंस “जब मैं छोटी बच्ची थी, तब से” और उस कोर्स में “आँखों में सूखेपन के कुछ दौर”, 8:49 से 9:12 तक। कम डोज़ वाला दूसरा कोर्स, 10:51 पर। अंश के अंदर: दूसरे कोर्स के ठीक बाद लेंस में दिक्कत, “बदतर और बदतर”, कोर्स जनवरी 2023 में खत्म, मई से लेंस नहीं। उनके पहले आँखों के डॉक्टर ने “मुझसे नहीं पूछा कि क्या मैंने पहले कोई दवा ली थी”, 14:05 पर। वे आगे बताती हैं कि उन्हें खुद भी दवा पर शक नहीं हुआ, क्योंकि वे उसे लेना बंद कर चुकी थीं। वे बताती हैं कि आँखों के सूखेपन के एक विशेषज्ञ ने अप्रैल 2024 में इवैपोरेटिव ड्राई आई डिज़ीज़ (evaporative dry eye disease) का निदान किया, जिसमें 75 से 90% ग्रंथियाँ खत्म हो चुकी थीं, 17:05 पर। विशेषज्ञ ने वजह नहीं बताई और मिरियम ने खुद इसकी खोजबीन की, 18:08 पर। उनकी ज़िंदगी लक्षणों को संभालने के इर्द-गिर्द घूमती है, 24:18 पर। निदान तक पहुँचने में आँखों के तीन डॉक्टर लगे, 26:44 पर। “आँखों के सूखेपन की बीमारी मेरे साथ हुई सबसे बुरी चीज़ है”, 35:44 पर। उनके संगठन का लक्ष्य पोस्ट-Accutane सिंड्रोम को मान्यता दिलाना है, 1:53 पर। यह उनका अपना बयान है, और हमने उनके मेडिकल रिकॉर्ड नहीं देखे हैं। उद्धरण YouTube के अपने-आप बने कैप्शन से लिए गए हैं। हमारी साइट पर उनकी कहानी: मिरियम की कहानी: isotretinoin के 2 कोर्स।
- Newcastle Hospitals, Newcastle dermatology - Isotretinoin (अंग्रेज़ी में), 29 नवंबर 2024; हमारे पेज पर यह एक अंश के रूप में 1:23 से 1:38 तक चलता है: “सबसे आम तौर पर मरीज़ों को सूखे होंठ, सूखी त्वचा और सूखी आँखें होती हैं”।
सभी उद्धरणों का अंग्रेज़ी से हिंदी में अनुवाद किया गया है।
यह जानकारी डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकती। अपने इलाज के बारे में कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
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