सुन्नपन को मापना: PSSD में संवेदना के अध्ययन
डॉक्टर PSSD में जननांगों की संवेदना मापने लगे हैं। लंदन के 2026 के अध्ययन में नौ के नौ मरीज़ों में सुन्नपन मिला, नसों के टेस्ट ज़्यादातर सामान्य थे।
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हाँ, पोस्ट-SSRI सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन (PSSD) में जननांगों के सुन्नपन को अब मापा जा सकता है। लंदन में 2026 के एक छोटे अध्ययन में छूने के आसान टेस्ट से PSSD वाले हर मरीज़ में सुन्नपन मिला, जबकि नसों के टेस्ट लगभग सभी में सामान्य आए।
PSSD एंटीडिप्रेसेंट बंद करने के बाद भी बना रह सकता है, और यह सिर्फ़ यौन समस्याओं तक सीमित नहीं है। 2022 के मानदंड जननांगों की संवेदना में लंबे समय तक रहने वाले बदलाव को इसके केंद्र में रखते हैं, और भावनात्मक सुन्नपन (भावनाएँ फीकी पड़ जाना), सोचने-समझने की दिक्कतों और दूसरी इंद्रियों में बदलाव का भी ज़िक्र करते हैं। PSSD का कोई टेस्ट नहीं है, इसलिए जाँच में डॉक्टर को जो सुन्नपन मिलता है, वह आपके मेडिकल रिकॉर्ड के काम आ सकता है।
ब्रिटेन में Cipralex (escitalopram) के मरीज़ों के लिए लीफ़लेट (patient leaflet) में लिखा है कि यौन समस्याएँ कुछ मामलों में “इलाज बंद करने के बाद भी जारी रहीं” (अंग्रेज़ी में)।
3 लाइनों में पूरी बात
- लंदन की एक न्यूरोलॉजी टीम को PSSD वाले अपने सभी नौ मरीज़ों में जननांगों का ऐसा सुन्नपन मिला, जिसे मापा जा सकता था। स्रोत: ICS 2026 सम्मेलन का सार (abstract) (अंग्रेज़ी में)।
- उनके नसों के टेस्ट लगभग सभी सामान्य थे। टीम के अनुसार यह नसों के नुकसान की ओर नहीं, बल्कि इस ओर इशारा करता है कि दिमाग यौन अनुभूति को कैसे सँभालता है।
- अध्ययन छोटा है, और छूने वाला टेस्ट अभी PSSD को सुन्नपन की दूसरी वजहों से अलग नहीं कर सकता। स्रोत: 2022 के मानदंड (अंग्रेज़ी में)।
प्रेस: contact@sidefxhub.com
बेंजामिन ने ड्यूलोक्सेटीन (duloxetine; Cymbalta, भारत में Duzela) ली थी, जो एक SNRI एंटीडिप्रेसेंट है। वे 14 साल से PSSD के साथ जी रहे हैं। अगर आपको अपनी बात पर यकीन दिलाने में मुश्किल हुई है, तो यह अंश देखें। Moral Medicine के साथ अपने इंटरव्यू में, जो अंग्रेज़ी में है, वे बताते हैं कि डॉक्टरों को इसे गंभीरता से लेने के लिए राज़ी करना कितना मुश्किल था।
हो सकता है कि एक दिन कोई माप बेंजामिन जैसे मरीज़ों को ऐसा प्रमाण दे, जिसे डॉक्टर अपनी आँखों से देख सकें। नया शोध यही करने की कोशिश कर रहा है।
लंदन के डॉक्टरों ने क्या मापा?
उन्होंने मापा कि मरीज़ों को त्वचा पर क्या महसूस होता है। यह टीम लंदन के क्वीन स्क्वेयर (Queen Square) में National Hospital for Neurology and Neurosurgery में काम करती है। जिन मरीज़ों के जननांगों का एहसास बदल गया हो, उन्हें जाँच के लिए वहाँ भेजा जाता है। अस्पताल के यूरो-न्यूरोलॉजी विभाग के जलेश पणिक्कर (Jalesh Panicker) ने यह काम 9 अक्टूबर 2026 को International Continence Society के सम्मेलन में पेश किया।
टीम ने 2019 से 2024 के बीच जननांगों के सुन्नपन के लिए भेजे गए मरीज़ों के रिकॉर्ड दोबारा देखे। इनमें से नौ मरीज़ PSSD के 2022 के मानदंडों (अंग्रेज़ी में) पर खरे उतरे।
नौ के नौ मरीज़ों में ऐसा सुन्नपन था, जिसे डॉक्टर जाँच में पकड़ सकते थे। टेस्ट आसान हैं। नायलॉन का एक पतला धागा हल्के स्पर्श को जाँचता है, और एक नुकीली पर सुरक्षित पिन यह जाँचती है कि चुभन अब भी महसूस होती है या नहीं।
एहसास में कमी सबसे ज़्यादा लिंग के अगले सिरे (glans) और उसके ठीक नीचे के हिस्से पर थी। यह दोनों तरफ़ एक जैसी थी, और निचली सतह पर ज़्यादा थी। टीम बताती है कि यह पैटर्न उस त्वचा से मेल खाता है, जो यौन रूप से सबसे संवेदनशील होती है।
उनके नसों के टेस्ट सामान्य क्यों आए?
नौ में से आठ मरीज़ों में नसों के टेस्ट सामान्य थे। ये टेस्ट त्वचा से एक छोटा बिजली का संकेत भेजते हैं और मापते हैं कि उसे दिमाग तक पहुँचने में कितना समय लगता है। टीम कहती है कि नतीजा सामान्य हो, तो मुख्य नसों को नुकसान की संभावना कम है।
यानी जाँच में सुन्नपन मौजूद था, पर नसों की “वायरिंग” ठीक काम करती लग रही थी। टीम का अनुमान है कि समस्या दिमाग में है, इस बात में कि छुअन यौन अनुभूति में कैसे बदलती है। वे लिखते हैं कि इस प्रक्रिया में आनंद और इनाम (reward) से जुड़े सिस्टम शामिल हैं, और लंबे समय तक SSRI लेने से इनका संतुलन बिगड़ सकता है। यह नतीजों की उनकी व्याख्या है, और अभी यह एक अनुमान (hypothesis) ही है।
2022 के मानदंड पहले से इन्हें दो अलग चीज़ें मानते हैं: आम छुअन, और यौन अनुभूति। वे कहते हैं कि यौन अनुभूति के लिए “कोई टेस्ट उपलब्ध नहीं है”।
दूसरी जगहों के डॉक्टर भी यही शिकायत सुनते हैं। अंग्रेज़ी में इस अंश में मिशिगन के यूरोलॉजिस्ट (मूत्र रोग विशेषज्ञ) डॉ. केनेथ पीटर्स (Kenneth Peters) चार युवा मरीज़ों के बारे में बताते हैं, जो दो हफ़्तों के भीतर लगभग एक जैसे लक्षण लेकर उनके पास आए। इन लक्षणों में सुन्नपन भी था। यह एक क्लिनिक का अनुभव है, लंदन के अध्ययन से मिला प्रमाण नहीं।
क्या संवेदना का टेस्ट PSSD साबित कर सकता है?
अभी नहीं। टेस्ट यह दिखा सकता है कि एहसास कम हुआ है। यह नहीं दिखा सकता कि ऐसा किस वजह से हुआ।
लंदन के अध्ययन में जिन मरीज़ों का सुन्नपन दूसरी वजहों से था, उनके छूने वाले टेस्ट भी लगभग उतनी ही बार असामान्य आए, जितनी बार PSSD वाले मरीज़ों के। इसलिए टेस्ट सुन्नपन की पुष्टि करता है, पर दवा की ओर इशारा अब भी मरीज़ की मेडिकल हिस्ट्री (बीमारी और दवाओं का पूरा ब्योरा) से ही आना चाहिए।
San Diego Sexual Medicine की एक दूसरी टीम ने PSSD वाले पुरुषों के 15 साल के रिकॉर्ड दोबारा देखे। उन पुरुषों की क्वांटिटेटिव सेंसरी टेस्टिंग (quantitative sensory testing) हुई थी, जो मापती है कि कोई व्यक्ति कितना हल्का कंपन, कितनी हल्की गर्मी और कितनी हल्की ठंड महसूस कर पाता है। टीम ने 2025 में बताया (अंग्रेज़ी में) कि जिन पुरुषों का टेस्ट हुआ, उनमें से करीब 10 में से 9 के नतीजे असामान्य थे।
दोनों अध्ययन सम्मेलनों में पेश किए गए छोटे सार (conference abstract) हैं, पीयर रिव्यू हुए (छपने से पहले दूसरे स्वतंत्र वैज्ञानिकों ने जाँचे) पूरे शोधपत्र नहीं। दोनों ऐसे क्लिनिकों से हैं, जहाँ वे लोग आते हैं जो पहले से जवाब ढूँढ रहे हैं। किसी ने भी अपने मरीज़ों की तुलना स्वस्थ लोगों से नहीं की, न उन लोगों से जिन्होंने बिना किसी समस्या के SSRI लीं। इसलिए दोनों में से कोई भी यह नहीं बता सकता कि PSSD कितनी बार होता है, और इसका कोई भरोसेमंद आँकड़ा मौजूद नहीं है।
मानदंड बनाने वाले शोधकर्ताओं में से दो (अंग्रेज़ी में) यह भी बताते हैं कि संवेदना का यह टेस्ट हर जगह उपलब्ध नहीं है।
आप क्या कर सकते हैं?
ये दवाएँ बहुत-से लोगों की मदद करती हैं। अगर आपको साइड इफ़ेक्ट हो रहे हैं, तो आगे क्या करना है, यह फ़ैसला आपका और दवा लिखने वाले डॉक्टर का है। दवा एकदम से बंद न करें।
अगर आपके जननांगों का एहसास बदल गया है, तो अपने डॉक्टर से “सुन्न” शब्द कहें, और बताएँ कि कहाँ। सेक्स से आगे के बदलाव भी बताएँ, जैसे भावनात्मक रूप से सपाट महसूस करना। डॉक्टर जाँच करके एहसास परख सकते हैं। लंदन के नतीजे इस ओर इशारा करते हैं कि नसों का सामान्य टेस्ट PSSD को खारिज नहीं करता।
अपने डॉक्टर से पूछने के लिए तीन सवाल
- क्या आप जाँच करके जननांगों का एहसास परख सकते हैं, और जो मिले उसे दर्ज कर सकते हैं?
- सुन्नपन की और कौन-सी वजहें हमें खारिज करनी चाहिए?
- अगर सुन्नपन बना रहे, तो हमारा अगला कदम क्या होगा?
आप इस तरह शुरू कर सकते हैं: “एंटीडिप्रेसेंट लेने के बाद से मेरे जननांग सुन्न हैं, और दवा बंद करने के बाद भी यह ठीक नहीं हुआ है।”
मानदंड हमारे पेज PSSD का निदान कैसे होता है में समझाए गए हैं, और जननांगों में सुन्नपन और दवाएँ उन दूसरी वजहों के बारे में है, जिन्हें डॉक्टर खारिज करना चाहेंगे।
कई लोग बताते हैं कि उनकी बात को गंभीरता से लिए जाने में समय लगा। लीफ़लेट की वह पंक्ति साथ ले जाएँ। आप डॉक्टर की सहमति के बिना भी रिपोर्ट कर सकते हैं।
रिपोर्ट करें: इससे सबकी मदद होती है
डॉक्टर के रिकॉर्ड में दर्ज बात आपकी मदद करती है। दवा नियामक को भेजी गई रिपोर्ट बाकी सबकी मदद करती है: इसी से पैटर्न पकड़ में आते हैं।
- कोई सबूत नहीं चाहिए। शक होना ही काफ़ी है, दवा बंद करने के सालों बाद भी।
- कहाँ: भारत में PvPI (भारतीय भेषज सतर्कता कार्यक्रम) को, उसकी हेल्पलाइन 1800-180-3024 या ADR PvPI 2.0 ऐप से। ब्रिटेन में Yellow Card योजना, और अमेरिका में MedWatch।
- सही शब्द इस्तेमाल करें। अगर दवा बंद करने के बाद भी लक्षण बने रहे, तो अंग्रेज़ी में Post-SSRI sexual dysfunction (MedDRA 10086208) लिखें। MedDRA का कोई हिंदी संस्करण नहीं है, पर कोड हर भाषा में एक ही है।
हमारी रिपोर्ट करने की गाइड हर कदम समझाती है
लोग और क्या पूछते हैं?
क्या कोई चीज़ PSSD को दूसरी वजहों से हुए सुन्नपन से अलग करती है? शायद। लंदन के अध्ययन में PSSD वाले करीब 4 में से 3 लोगों को स्खलन की समस्याएँ भी थीं, जबकि दूसरी वजहों से सुन्नपन वाले लोगों में 5 में से 1 को। टीम का कहना है कि इससे डॉक्टरों को PSSD पहचानने में मदद मिल सकती है। अध्ययन में सिर्फ़ नौ मरीज़ थे, इसलिए इसे किसी बड़े समूह में जाँचना होगा।
क्या सुन्नपन का मतलब है कि मेरी नसों को नुकसान पहुँचा है? ज़रूरी नहीं। लंदन के अध्ययन में PSSD वाले लगभग सभी लोगों में मुख्य नस-मार्गों के टेस्ट सामान्य आए। दो शोधकर्ता लिखते हैं कि डिप्रेशन से जननांग सुन्न नहीं होते। अभी कोई ठीक-ठीक नहीं जानता कि इसकी वजह क्या है।
क्या महिलाएँ शामिल थीं? बहुत कम। लंदन के नौ मरीज़ों में से एक महिला थीं, और San Diego के अध्ययन में सिर्फ़ पुरुष थे। हमें ऐसा कोई अध्ययन नहीं मिला, जिसमें PSSD वाली महिलाओं के जननांगों का एहसास मापा गया हो। महिलाएँ क्या अनुभव बताती हैं, यह महिलाओं में PSSD में है।
बेंजामिन 14 साल से PSSD के साथ जी रहे हैं। अगर आपके जननांगों का एहसास भी बदल गया है, तो लिख लें कि क्या बदला और कब, और रिपोर्ट करें। PSSD के बारे में हर रिपोर्ट रिकॉर्ड में कुछ और जोड़ती है।
स्रोत
- Valnarov-Boulter I, Noronha A, Malladi P, Simeoni S, Wright S, Panicker J. Genital sensory loss in persistent sexual dysfunction following SSRI exposure (अंग्रेज़ी में)। International Continence Society 2026, सार (abstract) 302, शॉर्ट ओरल सेशन 32, 9 अक्टूबर 2026, जलेश पणिक्कर ने पेश किया। Continence 19S (2026) 102779, doi 10.1016/j.cont.2026.102779। University College London Medical School, और Department of Uro-Neurology, National Hospital for Neurology and Neurosurgery, Queen Square, और UCL Queen Square Institute of Neurology। जननांगों की संवेदना में कमी के लिए एक विशेषज्ञ (tertiary) यूनिट में भेजे गए लगातार मरीज़ों पर क्रॉस-सेक्शनल अध्ययन, मई 2019 से मई 2024 तक। 55 में से 9 मरीज़ PSSD के 2022 के मानदंडों पर खरे उतरे (औसत उम्र 35 साल, 20 से 47 साल, आठ पुरुष)। नौ के नौ von Frey hairs (छुअन) या Neurotip (चुभन) से जाँच में असामान्य; कमी सबसे ज़्यादा glans और शाफ़्ट के आगे और बीच के हिस्से पर, दोनों तरफ़ बराबर, ऊपरी (dorsal) से ज़्यादा निचली (ventral) सतह पर। Neurotip (55.5% बनाम 56.5%, p=1.00) या von Frey (66.6% बनाम 43.5%, p=0.281) की असामान्यता में बिना PSSD वाले मरीज़ों से कोई सार्थक अंतर नहीं। स्खलन की समस्या 75% बनाम 20% (p=0.0055; सार प्रतिशत देता है, गिनती नहीं); सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन 100% बनाम 65.2% (p=0.046)। पेल्विक न्यूरोफ़िज़ियोलॉजी (tibial, S2 और S3 dermatomal, और pudendal somatosensory evoked potentials) 9 में से 8 में सामान्य। लेखक इसे परिधीय नसों के नुकसान के बजाय यौन संवेदना को समझने वाली प्रक्रिया में केंद्रीय (दिमागी) गड़बड़ी मानते हैं, और कहते हैं कि सेरोटोनिन की लगातार सक्रियता डोपामिन वाले इनाम (reward) मार्गों का संतुलन बिगाड़ सकती है; यह उनका अनुमान (hypothesis) है। सम्मेलन का सार, पीयर रिव्यू हुआ पूरा शोधपत्र नहीं। फ़ंडिंग: कोई नहीं।
- Goldstein A, Goldstein S, Drian A, Bajwa A, Kim N, Goldstein I. Sexual symptoms and biologic pathophysiologies of post-SSRI sexual dysfunction: a 15 year review (अंग्रेज़ी में)। J Sex Med 2025;22(Suppl 4): सार 313, doi 10.1093/jsxmed/qdaf320.309, 9 दिसंबर 2025 को ऑनलाइन छपा। San Diego Sexual Medicine। पुराने रिकॉर्ड पर आधारित (retrospective) अध्ययन, 2009 से 2024 तक: 43 पुरुष, औसत उम्र 27.6 साल (16 से 43)। कंपन, गर्मी और ठंड को महसूस करने की क्वांटिटेटिव सेंसरी टेस्टिंग 89% में असामान्य (n=37, जैसा सार देता है; हर टेस्ट का अलग आँकड़ा नहीं); जननांगों की संवेदना कम होने की बात 92% (n=39) ने बताई। लेखकों के सुझाए कारण अनुमान (hypothesis) हैं। सिर्फ़ सार पढ़ा गया (पूरा पाठ सदस्यों के लिए PDF है)। तुलना के लिए समूह (control group) खून की नलियों से जुड़ी इरेक्शन की समस्या वाले ज़्यादा उम्र के पुरुष, और लिंग या पेरिनियम पर चोट के बाद इरेक्शन की समस्या वाले पुरुष थे; स्वस्थ लोगों या बिना लक्षण के SSRI लेने वालों का कोई तुलना समूह नहीं। सम्मेलन का सार, पीयर रिव्यू हुआ पूरा शोधपत्र नहीं।
- Cipralex (escitalopram), patient information leaflet (अंग्रेज़ी में), electronic medicines compendium (ब्रिटेन): यौन समस्याएँ कुछ मामलों में “इलाज बंद करने के बाद भी जारी रहीं”।
- Healy D, Bahrick A, Bak M और अन्य। Diagnostic criteria for enduring sexual dysfunction after treatment with antidepressants, finasteride and isotretinoin (अंग्रेज़ी में)। Int J Risk Saf Med 2022;33(1):65-76। ज़रूरी मानदंड: “इलाज बंद होने के बाद जननांगों की छूने से जुड़ी (somatic) या यौन (erogenous) संवेदना में लंबे समय तक रहने वाला बदलाव”। “अगर उपलब्ध हो, तो लिंग की क्वांटिटेटिव सेंसरी टेस्टिंग (QST) (कंपन, गर्म और ठंडा तापमान)” छूने से जुड़ी संवेदना को आँकने में मदद कर सकती है। “यौन संवेदना को ठीक से समझा नहीं गया है और कोई टेस्ट उपलब्ध नहीं है।” खंड 3: यौन से अलग सहायक लक्षणों में “भावनात्मक सुन्नपन”, “त्वचा, गंध, स्वाद या दृष्टि से जुड़ी दूसरी संवेदी समस्याएँ” और “सोचने-समझने की क्षमता में कमी” “शामिल हो सकती हैं”।
- Healy D, Mangin D. Post-SSRI sexual dysfunction: barriers to quantifying incidence and prevalence (अंग्रेज़ी में)। Epidemiol Psychiatr Sci 2024;33:e40। जननांगों की क्वांटिटेटिव सेंसरी टेस्टिंग “छूने की संवेदना की कमी को समझने में मददगार हो सकती है”, पर “व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं है”। “मानसिक स्वास्थ्य की कोई भी समस्या जननांगों को सुन्न नहीं करती”।
- Moral Medicine, Benjamin’s 14-Year Battle with PSSD (अंग्रेज़ी में), बेंजामिन का इंटरव्यू, जुलाई 2024 (30 मिनट), यहाँ 5:35 से 7:50 तक के अंश के रूप में लगाया गया है (जननांगों में सुन्नपन: क्या वजह कोई दवा है? पर भी यही अंश है)। इस लेख की जानकारी (Cymbalta, 14 साल, डॉक्टरों से गंभीरता से लिए जाने की मुश्किल) Moral Medicine के फ़िल्म विवरण और हमारी साइट पर उनकी कहानी से है: PSSD के साथ बेंजामिन का 14 साल का संघर्ष।
- SIDEfxHUB, Interview with Dr. Kenneth Peters, PFS / PAS / PSSD Summit 2026 (अंग्रेज़ी में), अप्रैल 2026 (15 मिनट), यहाँ 2:56 से 5:06 तक के अंश के रूप में लगाया गया है। डॉ. पीटर्स मिशिगन के Corewell Health William Beaumont University Hospital में यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख हैं। यह उद्धरण नहीं, उनकी बात का सार है: चार युवा मरीज़, पुरुष और महिलाएँ, दो हफ़्ते से कम समय में, लगभग एक जैसी शिकायतों के साथ, जिनमें सुन्नपन भी था; एक ने फ़िनास्टेराइड (finasteride) ली थी, एक को PSSD था, और दो ने आइसोट्रेटिनॉइन (isotretinoin) ली थी। हमारी साइट पर यह इंटरव्यू: डॉ. केनेथ पीटर्स और पहला PFS/PSSD/PAS सम्मेलन।
सभी उद्धरणों का अंग्रेज़ी से हिंदी में अनुवाद किया गया है।
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