PSSD के साथ बेंजामिन का 14 साल का संघर्ष
बेंजामिन PSSD के साथ अपने 14 साल के सफ़र के बारे में बताते हैं: Cymbalta के बाद हुए गंभीर असर, और इस दुर्लभ बीमारी की असलियत।
PSSD के साथ बेंजामिन का 14 साल का संघर्ष: पोस्ट-SSRI सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन पर एक गहरी नज़र
इस एपिसोड में बेंजामिन अपने सफ़र के बारे में बताते हैं: Cymbalta (duloxetine; भारत में Duzela) लेने के बाद उनके लक्षण कैसे शुरू हुए, और इसका उनकी ज़िंदगी पर कितना गहरा असर पड़ा। वे बताते हैं कि डॉक्टरों से अपनी तकलीफ़ की मान्यता पाना कितना मुश्किल रहा, और कामेच्छा में कमी ने उन पर क्या असर डाला। वे यह भी बताते हैं कि PSSD के साथ जीने से उनके मन और भावनाओं पर कितना बोझ पड़ा। यह खुली बातचीत PSSD की असलियत सामने लाती है, और ऐसी ही बीमारियों से प्रभावित दूसरे लोगों को सहारा और समझ देती है।
पोस्ट-SSRI सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन (PSSD), यानी SSRI या SNRI एंटीडिप्रेसेंट बंद करने के बाद भी बनी रहने वाली यौन समस्याएँ, एक दुर्लभ सिंड्रोम का मौजूदा नाम है। इसमें बहुत गंभीर शारीरिक, तंत्रिका तंत्र से जुड़े (neurological) और यौन साइड इफ़ेक्ट होते हैं, जो SSRI (सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर) दवाएँ बंद करने के बाद भी बने रहते हैं और बढ़ते जाते हैं।
PSSD का मरीज़ों, उनके परिवारों और दोस्तों पर बहुत बुरा असर पड़ता है। अक्सर इसका नतीजा विकलांगता और अकेलापन होता है, और यहाँ तक कि आत्महत्या भी। हर व्यक्ति कीमती है, और हर किसी को अपनी सेहत के बारे में पूरी जानकारी के साथ फ़ैसला करने का हक है।
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यह जानकारी डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकती। अपने इलाज के बारे में कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
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