PFS मरीज़ों में SRD5A2 जीन का बदला हुआ मिथाइलेशन
छोटा शुरुआती अध्ययन रीढ़ की हड्डी के द्रव (CSF) में SRD5A2 जीन के बदले हुए मिथाइलेशन को post-finasteride syndrome के व्यवहार से जुड़े लक्षणों से जोड़ता है।

पोस्ट-फ़िनास्टेराइड सिंड्रोम के मरीज़ों में SRD5A2 जीन के मिथाइलेशन का बदला हुआ पैटर्न: एक छोटा शुरुआती अध्ययन
यह छोटा शुरुआती अध्ययन (pilot study) पोस्ट-फ़िनास्टेराइड सिंड्रोम (PFS) वाले मरीज़ों में एपिजेनेटिक बदलावों की जाँच करता है, यानी ऐसे बदलावों की जो DNA को नहीं बदलते, पर यह तय करते हैं कि कोई जीन कितना सक्रिय होगा। शोधकर्ताओं ने रीढ़ की हड्डी के द्रव (cerebrospinal fluid, CSF) और खून के नमूनों में SRD5A1 और SRD5A2 जीन के प्रमोटर (जीन का वह हिस्सा, जो उसे चालू करता है) के मिथाइलेशन के पैटर्न पर ध्यान दिया। मिथाइलेशन एक रासायनिक निशान है, जो जीन को धीमा कर सकता है। अध्ययन में PFS के 16 मरीज़ और तुलना के लिए समूह (control group) के रूप में उसी उम्र के 20 स्वस्थ लोग शामिल थे।
नतीजों में पाया गया कि PFS मरीज़ों के CSF में SRD5A2 प्रमोटर का मिथाइलेशन तुलना समूह से ज़्यादा था, और यह अंतर सांख्यिकीय रूप से सार्थक (statistically significant) था, यानी इसके संयोग से होने की संभावना कम है। खून के नमूनों में कोई मिथाइलेशन नहीं मिला। PFS मरीज़ों में न्यूरोस्टेरॉयड (दिमाग में बनने और वहीं काम करने वाले हार्मोन) के जो बदले हुए स्तर देखे गए हैं, उनमें इस मिथाइलेशन की अहम भूमिका हो सकती है। इससे शायद इस सिंड्रोम से जुड़ी व्यवहार की समस्याएँ पैदा होती हों।
ये नतीजे इस ओर इशारा करते हैं कि फ़िनास्टेराइड (finasteride; भारत में Finpecia और Finax नाम से मिलती है) से इलाज शरीर के कुछ खास ऊतकों में एपिजेनेटिक बदलाव ला सकता है। ये बदलाव PFS में दिखने वाले बने रहने वाले लक्षणों की जड़ में हो सकते हैं। लेकिन यह अभी साफ़ नहीं है कि मिथाइलेशन के ये पैटर्न जन्म से पहले ही बन जाते हैं, या खुद फ़िनास्टेराइड के इलाज से पैदा होते हैं।
पूरी जानकारी के लिए मूल लेख पढ़ें: Altered methylation pattern of the SRD5A2 gene in the cerebrospinal fluid of post-finasteride patients: a pilot study (अंग्रेज़ी में)।
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