5-ARI के बाद एंड्रोजन का स्तर और वीर्य जाँच के नतीजे
एक अध्ययन ने बालों के झड़ने के लिए ली गई 5-ARI दवाओं को शुक्राणुओं की खराब गुणवत्ता, कम गतिशीलता और प्रजनन क्षमता में संभावित कमी से जोड़ा।
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हाल के अध्ययनों और अमेरिका के दवा नियामक US Food and Drug Administration की चेतावनियों ने इस ओर ध्यान दिलाया है कि पुरुषों के गंजेपन के लिए 5-अल्फ़ा रिडक्टेस इनहिबिटर (5-ARI) लेने के बाद यौन और गैर-यौन साइड इफ़ेक्ट बने रह सकते हैं। यह दवा टेस्टोस्टेरोन के DHT (डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन) में बदलने को रोकने के लिए बनाई गई है, और इसे प्रजनन स्वास्थ्य की गंभीर समस्याओं से जोड़ा गया है, जिनमें पुरुषों की प्रजनन क्षमता में कमी भी शामिल है। चिंता की बात यह है कि कुछ पुरुषों ने दवा बंद करने के बाद भी यौन समस्याएँ बने रहने की बात बताई है। इसे पोस्ट-फ़िनास्टेराइड सिंड्रोम (PFS) कहा जाता है। डॉ. माइकल इर्विग (Michael S. Irwig) के इस अध्ययन का मकसद यह जानना था कि क्या आम आबादी के संदर्भ आँकड़ों की तुलना में इन पुरुषों में एंड्रोजन का स्तर कम है और वीर्य की गुणवत्ता खराब है।
अध्ययन में 24 ऐसे युवा पुरुष शामिल थे, जो बाकी तरह से स्वस्थ थे, जिन्होंने बालों के झड़ने के लिए 5-अल्फ़ा रिडक्टेस इनहिबिटर दवा (रोज़ 1.00-1.25 mg) ली थी और जिनमें यौन साइड इफ़ेक्ट बने रहे। प्रतिभागियों के इंटरव्यू लिए गए, हार्मोन की जाँच के लिए उनके खून के कई नमूने लिए गए, और प्रजनन क्षमता के पैमाने जाँचने के लिए वीर्य के नमूने।
नतीजे चिंताजनक थे। एंड्रोजन (टेस्टोस्टेरोन और DHT) का औसत स्तर सामान्य दायरे में था, लेकिन 13% प्रतिभागियों में दोनों एंड्रोजन का स्तर कम होने की पुष्टि हुई। यह आम आबादी में अपेक्षित 5% से ज़्यादा है। इसके अलावा, वीर्य की जाँच में 16% प्रतिभागियों में गंभीर ओलिगोस्पर्मिया (शुक्राणुओं की संख्या 50 लाख/mL से कम) मिला, जो प्रजनन में सक्षम पुरुषों में से सिर्फ़ करीब 3% को होता है। साथ ही, 44% प्रतिभागियों में शुक्राणुओं की गतिशीलता कम थी, और 50% में शुक्राणुओं की बनावट असामान्य थी।
ये नतीजे इस ओर इशारा करते हैं कि इन पुरुषों में बने रहने वाले सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन को सिर्फ़ खून में एंड्रोजन के स्तर से शायद पूरी तरह न समझा जा सके, लेकिन प्रजनन क्षमता पर असर काफ़ी बड़ा है। शुक्राणुओं की कम संख्या, कम गतिशीलता और असामान्य बनावट का इतना आम होना प्रजनन स्वास्थ्य पर गहरे असर की ओर इशारा करता है, जिसके नतीजे लंबे समय तक रह सकते हैं।
इस अध्ययन की सीमाओं पर ध्यान देना ज़रूरी है: दवा शुरू करने से पहले का एंड्रोजन का स्तर और वीर्य के पैमाने दर्ज नहीं थे, और अध्ययन में लोगों की संख्या भी कम थी। फिर भी, नतीजे बताते हैं कि यह समझने के लिए और शोध की ज़रूरत है कि कुछ पुरुषों पर 5-अल्फ़ा रिडक्टेस इनहिबिटर का लंबे समय तक असर ज़्यादा क्यों होता है। प्रजनन स्वास्थ्य को ऐसा नुकसान होने की आशंका, जो ठीक न हो सके, उन लोगों के लिए गंभीर चिंता की बात है, जो यह दवा लेने की सोच रहे हैं या अभी ले रहे हैं।
पूरा अध्ययन पढ़ें: Androgen Levels and Semen Parameters Among Former Users of Finasteride With Persistent Sexual Adverse Effects (अंग्रेज़ी में)।
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