सहारा पाएँ: PSSD समुदाय से कैसे जुड़ें
ऑनलाइन फ़ोरम, सपोर्ट ग्रुप और सोशल मीडिया पर PSSD वाले दूसरे लोगों से जुड़कर सहारा, मुश्किलों से निपटने के तरीके और साझा अनुभव मिल सकते हैं।

पोस्ट-SSRI सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन (PSSD) यानी SSRI या SNRI एंटीडिप्रेसेंट बंद करने के बाद भी बनी रहने वाली यौन समस्याएँ। PSSD में क्रैश (दवा बंद करने या डोज़ घटाने के बाद लक्षणों का अचानक शुरू होना या तेज़ी से बिगड़ना) के बाद ऐसे लोगों से जुड़ना बहुत कीमती हो सकता है, जिनका अनुभव आपके जैसा है। PSSD समुदाय एक ऐसी जगह है, जहाँ आपको सहारा मिल सकता है, जहाँ आप मुश्किलों से निपटने के अपने तरीके बता सकते हैं, और उन लोगों से सीख सकते हैं, जो समझते हैं कि आप पर क्या बीत रही है। नीचे बताया गया है कि PSSD समुदाय को कैसे ढूँढ़ें और उससे कैसे जुड़ें।
समुदाय का साथ क्यों ज़रूरी है
PSSD के साथ जीना बहुत अकेला कर देने वाला अनुभव हो सकता है। लेकिन ऐसे लोगों का समुदाय, जो आपकी मुश्किलें समझते हैं, आपको भावनात्मक राहत और काम की सलाह दे सकता है। ऑनलाइन फ़ोरम हों, सपोर्ट ग्रुप हों या सोशल मीडिया, दूसरों से जुड़कर आपका अकेलापन कम हो सकता है।
PSSD समुदाय से कैसे जुड़ें
PSSD समुदाय के दूसरे लोगों से जुड़ने के कुछ तरीके ये हैं:
- ऑनलाइन फ़ोरम: PSSD Network के subreddit (अंग्रेज़ी में) जैसी जगहों पर आप अपने अनुभवों पर बात कर सकते हैं, सवाल पूछ सकते हैं, और ऐसे ही हालात से गुज़र रहे लोगों के साथ जानकारी बाँट सकते हैं।
- सपोर्ट ग्रुप: किसी सपोर्ट ग्रुप से जुड़ना, जैसे SIDEfxHUB के ग्रुप, लोगों से जुड़ने का ज़्यादा निजी और आपसी बातचीत वाला तरीका हो सकता है। शुरुआत के लिए हमारे WhatsApp सपोर्ट ग्रुप एक अच्छी जगह हैं।
- सोशल मीडिया: Twitter और Instagram जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर PSSD से जुड़े अकाउंट और हैशटैग पर बातचीत में हिस्सा लेकर आप इस समुदाय के दूसरे लोगों को ढूँढ़ सकते हैं और उनसे जुड़ सकते हैं।
और मदद के लिए संसाधन
PSSD समुदाय से मिलने वाला सहारा इस मुश्किल सफ़र में बड़ा फ़र्क ला सकता है। आपको यह सब अकेले नहीं झेलना है: ऐसे लोग हैं, जो आपकी बात समझते हैं और मदद के लिए तैयार हैं।
यह जानकारी डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकती। अपने इलाज के बारे में कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
570+ लोग रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं।
आप भी जुड़ें, फिर अपने साइड इफ़ेक्ट रिपोर्ट करें।
- अपनी बीमारी को रिकॉर्ड में दर्ज कराएँ
- जिन अध्ययनों में आप हिस्सा ले सकते हैं, उनकी खबर सबसे पहले पाएँ
- फिर अपने साइड इफ़ेक्ट की रिपोर्ट PvPI को करें