PFS की खामोश तकलीफ़: रायन की कहानी
रायन बताते हैं कि post-finasteride syndrome (PFS) ने उनकी ज़िंदगी कैसे बदली, उनके लक्षण कितने गंभीर हैं और PFS पर जागरूकता और शोध की तुरंत ज़रूरत क्यों है।

28 फ़रवरी 2021
5 जून 2023
PFS की खामोश तकलीफ़: रायन की कहानी
मेरा नाम रायन क्लार्क है और मैं इंग्लैंड के टाइनमाउथ से हूँ। यह मेरी कहानी है कि पोस्ट-फ़िनास्टेराइड सिंड्रोम (PFS) ने मेरी ज़िंदगी कैसे तबाह कर दी। फ़िनास्टेराइड (finasteride), जिसे आम तौर पर Propecia के नाम से जाना जाता है, लेने से पहले मैं एक खुशमिज़ाज, मिलनसार नौजवान था। मेरे पास संतोष देने वाली नौकरी थी, कसरत का शौक था और मेरी जीवनशैली सेहतमंद थी। PFS से मेरा सामना तब शुरू हुआ, जब मैंने अपने सिर के पीछे, ऊपर की तरफ़ बालों को थोड़ा पतला होते देखा। बाल झड़ने की मुझे बहुत ज़्यादा चिंता नहीं थी, लेकिन एक प्रतिष्ठित अखबार में Propecia के एक विज्ञापन पर मेरी नज़र पड़ी। उसमें इस दवा को गंजेपन का सुरक्षित और असरदार इलाज बताया गया था। अपने रूप-रंग की फ़िक्र में मैंने इसे आज़माने का फ़ैसला किया। यही फ़ैसला मेरी ज़िंदगी की सबसे बड़ी गलती बन गया।
लक्षणों की शुरुआत
पहला असर
दवा शुरू करने के कुछ ही समय बाद मुझ पर अचानक तेज़ घबराहट का ऐसा दौर आया, जैसा मैंने पहले कभी महसूस नहीं किया था। यह इतना भारी था कि मैं सचमुच अपने बगीचे में घुटनों के बल गिर पड़ा, पूरी तरह बेबस। यह आगे आने वाले कई डरावने लक्षणों में से पहला था। अचानक मेरी ज़िंदगी बदल गई: जिन चीज़ों से मुझे कभी प्यार था, उन सबमें मेरी दिलचस्पी खत्म हो गई। मेरा काम, मेरा रिश्ता, यहाँ तक कि जीने की बुनियादी इच्छा भी। मेरी कामेच्छा गायब हो गई, और उसके साथ सुबह होने वाले वे इरेक्शन भी खत्म हो गए, जिनके बारे में मैंने कभी सोचा तक नहीं था। जिम में मेरी ताकत, जिस पर मुझे हमेशा गर्व रहा था, बहुत तेज़ी से घट गई। जब मैं अपने डॉक्टर के पास गया, तो उन्होंने मेरे लक्षणों को निजी तनाव कहकर टाल दिया। यह नतीजा मुझे बिल्कुल गलत लगा। फिर भी मैंने व्यवस्था पर भरोसा किया और दवा लेता रहा।
हालत का बिगड़ना
सालों तक मैं बीच-बीच में फ़िनास्टेराइड लेता रहा, और मेरी सेहत और बिगड़ती गई। मुझे अंडकोष का कैंसर हुआ, लिवर और पैंक्रियास की समस्याएँ हुईं, और कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याएँ भी। मेरे चेहरे की बनावट बदलने लगी: पुरुषों वाले नैन-नक्श का खोना, हड्डियों और ऊतकों का घटना, इन सबने मेरा रूप बहुत बदल दिया। सोचने-समझने की क्षमता घटती गई और भावनाएँ इतनी अस्थिर हो गईं कि रोज़ का जीवन असहनीय चुनौती बन गया। 2017 तक मेरी त्वचा में सीबम (त्वचा का प्राकृतिक तेल) बनना बंद हो गया और मुझे पेशाब की गंभीर समस्याएँ होने लगीं। जवाब की तलाश में बेहाल होकर मैं इंटरनेट पर गया और Propecia Help पर एक समुदाय मिला। वहाँ मुझे पता चला कि अनगिनत दूसरे लोग भी यही भयानक लक्षण झेल रहे थे। अपनी तकलीफ़ की वजह जानकर शुरू में मुझे राहत मिली, लेकिन वह जल्द ही निराशा में बदल गई, जब मुझे समझ आया कि कोई भी ठीक नहीं हो रहा था।
लक्षणों की पूरी सूची
दिमाग और सोचने-समझने से जुड़े लक्षण
- नींद न आना (अनिद्रा): मुझे सोने में मुश्किल होती है, और नींद आ भी जाए तो अक्सर बेचैन रहती है।
- डीरियलाइज़ेशन: हर समय ऐसा लगना कि मैं असलियत से कटा हुआ हूँ।
- आत्महत्या के विचार: मेरी हालत इतनी असहनीय है कि मुझे बार-बार अपनी ज़िंदगी खत्म करने के विचार आते हैं।
- हर समय घबराहट और अनहोनी का डर: लगातार बनी रहने वाली एंग्ज़ायटी (लगातार घबराहट और बेचैनी), जिसकी कोई साफ़ वजह नहीं दिखती।
- याददाश्त, ध्यान लगाने, बातों को समझने और फ़ैसले लेने की क्षमता में कमी: सोचने-समझने की मेरी क्षमता काफ़ी घट गई है, और आसान काम करना भी मुश्किल हो गया है।
- गंभीर एंग्ज़ायटी: लगातार और हर तरफ़ फैली बेचैनी, जो मेरी ज़िंदगी के हर हिस्से को बिगाड़ देती है।
- एनहेडोनिया: जिन कामों में मुझे कभी मज़ा आता था, उनमें अब बिल्कुल आनंद नहीं आता।
- बार-बार दबाव वाला सिरदर्द: लगातार सिरदर्द, जैसे सिर के चारों ओर कोई पट्टी कसकर बँधी हो।
- भ्रम और संतुलन की समस्या: मैं अक्सर उलझन में रहता हूँ और संतुलन बनाए रखने में दिक्कत होती है।
- पूरे शरीर में झुनझुनी और सुन्नपन: एक अजीब झुनझुनी और सुन्नपन, जो पूरे शरीर में महसूस होता है।
- पैरों में बेचैनी (restless legs): पैरों को हिलाने की बेकाबू इच्छा, खासकर रात में।
- छूने के एहसास में बदलाव: छूने का एहसास बदला हुआ लगता है, जिससे सामान्य स्पर्श भी असहज लगता है।
- नसों में बेवजह होने वाले एहसास: नसों में अजीब, अपने-आप उठने वाले एहसास, जिनकी कोई साफ़ वजह नहीं है।
इंद्रियों से जुड़े लक्षण
- कानों में लगातार आवाज़ आना (टिनिटस) और दोनों कानों में दबाव: कानों में हर समय घंटी जैसी आवाज़, साथ में असहज दबाव।
- नज़र की समस्याएँ: मेरी नज़र कमज़ोर हो गई है, और अक्सर धुंधला दिखता है।
- आँखों में सूखापन और जलन: मेरी आँखें हमेशा सूखी रहती हैं और जलती हैं, जिससे किसी चीज़ पर नज़र टिकाना मुश्किल होता है।
- कान का मैल और बलगम कम बनना: कान का मैल और बलगम बनना साफ़ तौर पर कम हो गया है।
- स्वाद और गंध का कम होना: मेरी स्वाद और सूँघने की क्षमता काफ़ी घट गई है।
- हाथों और पैरों में एहसास खत्म होना: हाथ-पैरों का सुन्न रहना अब रोज़ की परेशानी बन गया है।
मुँह और दाँतों से जुड़े लक्षण
- मसूड़ों का पीछे हटना और खून आना: मेरे मसूड़े पीछे हट गए हैं और उनसे आसानी से खून आता है।
- दाँतों में झनझनाहट और इनेमल का घिसना: मेरे दाँत बहुत संवेदनशील हो गए हैं और इनेमल घिस गया है, जिससे उन्हें आसानी से नुकसान पहुँच सकता है।
- जबड़े की हड्डी का पतला होना, घटना और पीछे हटना: मेरे जबड़े की हड्डी पतली होकर पीछे हट गई है, जिससे चेहरे का आकार बदल गया है।
- गालों की हड्डी का घटना और पीछे हटना: जबड़े की तरह मेरे गालों की हड्डियाँ भी पीछे हट गई हैं।
- खोपड़ी और चेहरे में बदलाव: मेरी खोपड़ी और चेहरे की बनावट इतनी बदल गई है कि मुझे पहचानना मुश्किल हो गया है।
दिल और रक्त संचार से जुड़े लक्षण
- शरीर का तापमान कम रहना: मुझे हमेशा ठंड लगती है, गर्म माहौल में भी।
- ब्लड प्रेशर का बेतरतीब होना: मेरा ब्लड प्रेशर बहुत ऊपर-नीचे होता है, बिना किसी साफ़ पैटर्न के।
- दिल की धड़कन का अनियमित होना (arrhythmia): मेरी धड़कन अनियमित हो जाती है, जो काफ़ी डरा देती है।
- खराब रक्त संचार: मेरे हाथ-पैर अक्सर ठंडे रहते हैं और पूरे शरीर में रक्त संचार कमज़ोर हो गया है।
मेटाबॉलिज़्म और हार्मोन से जुड़े लक्षण
- भूख या पेट भरने का एहसास न होना: शरीर अब यह संकेत नहीं देता कि मुझे भूख लगी है या पेट भर गया है, जिससे ठीक से पोषण लेना मुश्किल होता है।
- पैंक्रियास का गंभीर रूप से कमज़ोर होना: मेरा पैंक्रियास अब ठीक से काम नहीं करता, जिसका असर पाचन और पूरी सेहत पर पड़ता है।
- कुपोषण: सेहतमंद खाना खाने के बावजूद मैं कुपोषण से जूझता हूँ, क्योंकि मेरा शरीर पोषक तत्व सोख नहीं पाता।
- शरीर में पानी की गंभीर कमी: मेरा शरीर पानी रोक नहीं पाता, इसलिए मुझमें हमेशा पानी की कमी रहती है।
- गहरे रंग का पेशाब: यह लगातार पानी की कमी और शायद किडनी की समस्या का संकेत है।
- सीबम न बनना: सीबम न बनने से मेरी त्वचा बहुत सूखी हो गई है।
- तेज़ी से बूढ़ा होना: कम समय में मेरी उम्र बहुत ज़्यादा दिखने लगी है, त्वचा पतली हो गई है और शरीर कमज़ोर दिखता है।
- वज़न का बहुत ज़्यादा घटना: मेरा वज़न काफ़ी घट गया है, ज़्यादातर मांसपेशियाँ।
- मांसपेशियों की ताकत, आकार और भराव का घटना: मेरी मांसपेशियाँ घुल गई हैं, और मैं कमज़ोर और दुबला हो गया हूँ।
- हड्डियों का घनत्व कम होना: मेरी हड्डियाँ भुरभुरी और कमज़ोर हो गई हैं।
- हाथ-पैरों का छोटा होना: मेरे हाथ और पैर साफ़ तौर पर छोटे हो गए हैं।
- शरीर में स्त्रियों जैसे बदलाव (feminization): मेरे शरीर में ऐसे लक्षण आ गए हैं, जो आम तौर पर महिलाओं से जुड़े होते हैं, जैसे कुछ हिस्सों में चर्बी बढ़ना, और पुरुषों वाले लक्षणों का घटना।
- साइटोकाइन का बढ़ा होना (सूजन के संकेतक): मेरे शरीर में हर समय सूजन (inflammation) रहती है।
- इंसुलिन रेज़िस्टेंस: मेरा शरीर अब इंसुलिन पर वैसे असर नहीं दिखाता जैसे उसे दिखाना चाहिए, जिससे डायबिटीज़ का जोखिम बढ़ता है।
- कॉर्टिसोल के प्रति संवेदनशीलता: मेरे तनाव वाले हार्मोन असंतुलित हैं, जिससे बहुत ज़्यादा थकान और एंग्ज़ायटी होती है।
- एस्ट्रोजन का हावी होना: मेरे हार्मोन असंतुलित हैं और एस्ट्रोजन का स्तर ज़्यादा है।
- टेस्टोस्टेरोन के प्रति ज़्यादा संवेदनशीलता: मेरा शरीर टेस्टोस्टेरोन के प्रति बहुत संवेदनशील हो गया है, जिससे पुरुषों वाले लक्षण घट रहे हैं।
- एंड्रोजन की कमी: मेरा शरीर अब पुरुष हार्मोन पर ठीक से प्रतिक्रिया नहीं करता।
- एड्रिनल थकान (adrenal fatigue): मेरी एड्रिनल ग्रंथियाँ थक चुकी हैं, जिससे लगातार बनी रहने वाली थकान होती है।
- थायरॉइड की गड़बड़ी: मेरा थायरॉइड अब ठीक से काम नहीं करता, जिसका असर मेटाबॉलिज़्म और ऊर्जा पर पड़ता है।
त्वचा से जुड़े लक्षण
- ढीली, पतली त्वचा: मेरी त्वचा का लचीलापन खत्म हो गया है और वह पतली और नाज़ुक हो गई है।
- कोलेजन और त्वचा के नीचे की चर्बी का घटना: कोलेजन और त्वचा के नीचे की चर्बी घटने से त्वचा ढीली पड़ गई है और उस पर झुर्रियाँ आ गई हैं।
- सूखी, पाउडर जैसी, पपड़ीदार त्वचा: मेरी त्वचा हमेशा सूखी रहती है और अक्सर छिलती है या पपड़ीदार हो जाती है।
- डर्मेटाइटिस: मुझे बार-बार त्वचा में सूजन और चकत्ते होते हैं।
मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़े लक्षण
- हड्डियों और मांसपेशियों में लगातार चुभने वाला दर्द: मुझे हड्डियों और मांसपेशियों में तेज़, लगातार दर्द रहता है।
- कार्टिलेज का घिसना, टेंडन का छोटा होना और ऊतकों का सिकुड़ना (atrophy): मेरे जोड़ और टेंडन कमज़ोर हो गए हैं, जिससे दर्द रहता है और चलना-फिरना सीमित हो गया है।
यौन और प्रजनन से जुड़े लक्षण
- यौन इच्छा में कमी और इरेक्शन की समस्या: मेरी यौन इच्छा पूरी तरह खत्म हो गई है और मुझे इरेक्शन की गंभीर समस्या है।
- लिंग के ऊतकों का सिकुड़ना: मेरे लिंग के ऊतक सिकुड़ गए हैं, जिससे वह काफ़ी छोटा हो गया है।
- अंडकोष में सिस्ट: मेरे अंडकोषों में दर्द वाले सिस्ट बन गए हैं।
- अंडकोष में लगातार दर्द और सिकुड़न: मेरे अंडकोषों में हर समय दर्द रहता है और वे काफ़ी सिकुड़ गए हैं।
- पेरिनियम का सिकुड़ना: पेरिनियम (अंडकोष और गुदा के बीच का हिस्सा) के ऊतक भी सिकुड़ गए हैं, जिससे और परेशानियाँ हुई हैं।
पेट और आँतों से जुड़े लक्षण
- कई तरह के खाने से परेशानी (food intolerance): बहुत-सी चीज़ें, जो मैं पहले बिना किसी दिक्कत के खाता था, अब मुझे सूट नहीं करतीं।
- कई तरह की एलर्जी: मेरा शरीर अब बहुत-सी चीज़ों पर एलर्जी वाली प्रतिक्रिया करता है।
- कैंडिडा: मुझे बार-बार यीस्ट (फ़ंगल) इन्फ़ेक्शन होता है।
- SIBO (छोटी आँत में बैक्टीरिया का ज़रूरत से ज़्यादा बढ़ना): मेरी आँतों के बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ गया है, जिससे पाचन की समस्याएँ होती हैं।
- लीकी गट: मेरी आँत की अंदरूनी परत पारगम्य हो गई है, जिससे विषैले पदार्थ खून में पहुँच जाते हैं।
- रोग प्रतिरोधक प्रतिक्रिया में बदलाव: मेरी रोग प्रतिरोधक प्रणाली ज़रूरत से ज़्यादा सक्रिय हो गई है और मेरे अपने शरीर पर हमला करती है।
- घाव देर से भरना: चोट लगने पर मेरा शरीर ठीक होने में बहुत ज़्यादा समय लेता है।
- लंबे समय से चली आ रही सूजन: मेरे पूरे शरीर में हर समय सूजन रहती है।
- बड़ी आँत में सूजन: मेरी बड़ी आँत में अक्सर सूजन रहती है, जिससे पाचन में तकलीफ़ होती है।
- पोषक तत्व न सोख पाना (malabsorption): मेरा शरीर खाने से पोषक तत्व मुश्किल से सोख पाता है।
- ग्लूटेन/लैक्टोज़ से परेशानी: मैं अब ग्लूटेन या लैक्टोज़ नहीं पचा पाता।
- गंभीर कब्ज़: मुझे लगातार कब्ज़ रहती है, जिससे रोज़ का जीवन बहुत तकलीफ़देह हो गया है।
- आँतों के बैक्टीरिया का असंतुलन (dysbiosis): मेरी आँतों के बैक्टीरिया का संतुलन बुरी तरह बिगड़ गया है।
- पित्त कम बनना: मेरा लिवर पाचन के लिए ज़रूरी मात्रा में पित्त नहीं बनाता।
- पेट में एसिड कम बनना: मेरा पेट खाना ठीक से पचाने लायक एसिड नहीं बनाता।
- एसिड रिफ़्लक्स: मुझे अक्सर एसिड रिफ़्लक्स होता है, जिससे पाचन और बिगड़ता है।
- हायटल हर्निया: मुझे हायटल हर्निया हो गया है, जिससे तकलीफ़ होती है और खाना खाने में दिक्कत आती है।
- मलाशय की दीवार का खिसकना (prolapse): मेरे मलाशय की दीवार कमज़ोर होकर खिसक गई है, जिससे और परेशानियाँ हुई हैं।
- बवासीर: मुझे लंबे समय से बवासीर है, जो मेरी तकलीफ़ और बढ़ाती है।
लिवर और किडनी से जुड़े लक्षण
- लिवर में कई ट्यूमर: स्कैन में मेरे लिवर में कई ट्यूमर दिखे हैं।
- तिल्ली में सूजन: मेरी तिल्ली में लंबे समय से सूजन है, जिसका असर पूरी सेहत पर पड़ता है।
- कई अंगों का ठीक से काम न करना: मेरे कई अंग अब ठीक से काम नहीं करते।
दूसरे लक्षण
- लगातार बनी रहने वाली थकान: मैं हर समय थका रहता हूँ, चाहे कितना भी आराम कर लूँ।
- कसरत के बाद तबीयत बिगड़ना: शारीरिक मेहनत के बाद मैं बेहतर नहीं, और बुरा महसूस करता हूँ।
- आवाज़ बैठना: मेरी आवाज़ कमज़ोर और भारी हो गई है।
- मुँह सूखना: मेरा मुँह हमेशा सूखा रहता है, जिससे बोलना और निगलना मुश्किल होता है।
- नाखूनों और त्वचा में बार-बार इन्फ़ेक्शन: मेरे नाखूनों और त्वचा में अक्सर इन्फ़ेक्शन होता है।
- न्यूरोपैथी/नसों को नुकसान: मेरी नसों को नुकसान पहुँचा है, जिससे दर्द, झुनझुनी और सुन्नपन होता है।
- खून और लिपिड प्रोफ़ाइल में बदलाव: मेरे ब्लड टेस्ट में काफ़ी गड़बड़ियाँ दिखती हैं।
मरीज़ों की बात रखना और जागरूकता
अपनी हालत के बावजूद मैं PFS समुदाय का एक सक्रिय सदस्य बन गया हूँ। मैं दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता हूँ, और जागरूकता फैलाने और PFS पर शोध के लिए आवाज़ उठाने में लगा रहता हूँ। मैंने स्वास्थ्य नियामकों और मीडिया से संपर्क किया है और अपनी कहानी बताई है, ताकि यह सामने आए कि PFS के इलाज के लिए चिकित्सा में प्रगति और नए तरीकों की कितनी तुरंत ज़रूरत है।
मेरी अपील
अधिकारियों ने सालों तक लगभग कुछ न करके दवा लेने वालों को निराश किया है। उन्होंने प्रभावित लोगों की बातों को अनसुना किया, और फिर बस न्यूनतम कदम उठाए, जबकि लक्षणों के लिए उन्हीं को ज़िम्मेदार ठहराया। मान्यता की यह कमी उस बेहद गहरी तकलीफ़ को और बढ़ा देती है, जो PFS झेल रहे लोग पहले से सह रहे हैं। हमें चिकित्सा शोध के लिए पैसे की ज़रूरत है, और जब तक शरीर पर इस दवा का असर पूरी तरह समझ में नहीं आ जाता, तब तक इस पर रोक लगनी चाहिए। दवा कंपनियों के मुनाफ़े के लिए अब किसी और नौजवान को वह नहीं झेलना चाहिए, जो मैंने झेला है।
फ़िनास्टेराइड के साथ मेरा अनुभव एक बुरा सपना रहा है, लेकिन अपनी कहानी बताकर मैं उम्मीद करता हूँ कि जागरूकता बढ़ेगी और ऐसे इलाज की खोज आगे बढ़ेगी, जो हमें फिर से सामान्य ज़िंदगी दे सके। आइए, हम एक-दूसरे का साथ दें, चल रहे शोध में मदद करें और इस तबाह कर देने वाली बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाएँ।
इस कहानी का अंग्रेज़ी से हिंदी में अनुवाद किया गया है।
यह जानकारी डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकती। अपने इलाज के बारे में कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
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