Finasteride के बाद बने रहने वाले यौन लक्षण
Finasteride के बाद बने रहने वाले यौन साइड इफ़ेक्ट पर एक अध्ययन क्या कहता है, और इलाज के संभावित तरीकों के लिए इसका क्या मतलब है।

बाल झड़ने के लिए फ़िनास्टेराइड लेने के बाद बने रहने वाले यौन लक्षण बताने वाले पुरुषों की विशेषताएँ
स्रोत: यह लेख Shehzad Basaria et al. के अध्ययन “Characteristics of Men Who Report Persistent Sexual Symptoms After Finasteride Use for Hair Loss” पर आधारित है, जो The Journal of Clinical Endocrinology & Metabolism में छपा। पूरा अध्ययन (अंग्रेज़ी में) पढ़ें।
फ़िनास्टेराइड (finasteride; भारत में Finpecia, Finax और Fincar) आम तौर पर बढ़े हुए प्रोस्टेट (BPH) और एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया (AGA, यानी गंजापन) के इलाज में इस्तेमाल होती है। कुछ पुरुषों में इसे कई तरह के ऐसे यौन साइड इफ़ेक्ट से जुड़ा पाया गया है, जो दवा बंद करने के बाद भी बने रहते हैं। इन लक्षणों से प्रभावित लोगों को गहरी परेशानी हुई है, और इनके पीछे के संभावित तंत्र (mechanism) पर काफ़ी शोध हुआ है।
अध्ययन को समझना
Basaria et al. का अध्ययन यह पता लगाना चाहता था कि फ़िनास्टेराइड लेने वाले कुछ लोगों में यौन लक्षण क्यों बने रहते हैं। तीन संभावित वजहें जाँची गईं: एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) की कमी, शरीर के ऊतकों में एंड्रोजन का कमज़ोर असर, या स्टेरॉयड 5-अल्फ़ा रिडक्टेस (SRD5A) एंज़ाइम का लगातार रुका रहना। अध्ययन में पुरुषों के तीन समूह शामिल थे:
- समूह 1: फ़िनास्टेराइड लेने वाले पुरुष, जिन्होंने दवा बंद करने के बाद भी यौन लक्षण बने रहने की बात बताई।
- समूह 2: उसी उम्र के फ़िनास्टेराइड लेने वाले पुरुष, जिन्होंने कोई यौन लक्षण नहीं बताया।
- समूह 3: स्वस्थ पुरुष, जिन्होंने कभी फ़िनास्टेराइड नहीं ली थी।
प्रतिभागियों की कई तरह की जाँच हुई: यौन क्रिया, मूड, सोचने-समझने की क्षमता, हार्मोन के स्तर और शरीर की बनावट की, और फ़ंक्शनल मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (fMRI) से दिमाग की सक्रियता की।
मुख्य नतीजे
1. एंड्रोजन की कमी का कोई प्रमाण नहीं
अध्ययन में पाया गया कि फ़िनास्टेराइड के बाद बने रहने वाले यौन लक्षण बताने वाले पुरुषों के हार्मोन, जिनमें टेस्टोस्टेरोन और DHT (डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन) शामिल हैं, सामान्य दायरे में थे। समूहों के बीच एंड्रोजन रिसेप्टर (AR) जीन के क्रम में, या SRD5A1 और SRD5A2 जीन की सक्रियता (gene expression) में कोई खास अंतर नहीं मिला। इससे संकेत मिलता है कि ये लक्षण एंड्रोजन की कमी या जीन में अंतर से जुड़े नहीं थे।
2. सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन और मूड की गड़बड़ी
दूसरे समूहों की तुलना में समूह 1 के पुरुषों के यौन क्रिया के स्कोर काफ़ी कम थे, और डिप्रेशन (अवसाद) के स्कोर ज़्यादा। fMRI के नतीजों में दिमाग के उन हिस्सों में असामान्य सक्रियता दिखी, जो यौन उत्तेजना और डिप्रेशन से जुड़े हैं। यह इन पुरुषों के दिमाग और तंत्रिका तंत्र में संभावित बदलावों की ओर इशारा करता है। इससे लगता है कि बने रहने वाले लक्षण हार्मोन के असंतुलन से नहीं, बल्कि दिमाग के काम में बदलाव से जुड़े हो सकते हैं।
3. शारीरिक क्षमता या सोचने-समझने की क्षमता में कोई खास अंतर नहीं
दिलचस्प बात यह है कि समूहों के बीच शरीर की बनावट, मांसपेशियों की ताकत, या टेस्ट से मापी गई सोचने-समझने की क्षमता में कोई खास अंतर नहीं मिला। लेकिन समूह 1 के पुरुषों ने याददाश्त से जुड़ी शिकायतें ज़्यादा बताईं। ये शिकायतें शायद सोचने-समझने की असली कमी के बजाय उनके मूड की गड़बड़ी से जुड़ी हो सकती हैं।
इलाज के लिए इसका मतलब
इस अध्ययन के नतीजे इस ओर इशारा करते हैं कि फ़िनास्टेराइड लेने वाले कुछ लोगों में बने रहने वाले यौन लक्षण एंड्रोजन की कमी दूर करने वाले इलाज से, जैसे टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी से, शायद ठीक नहीं होंगे। इन लक्षणों के लिए शायद कोई अलग तरीका चाहिए, जिसमें मनोवैज्ञानिक या न्यूरोलॉजिकल इलाज के ज़रिए डिप्रेशन और सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन के इलाज पर ध्यान हो।
निष्कर्ष
यह अध्ययन उन पुरुषों की विशेषताओं के बारे में अहम जानकारी देता है, जो फ़िनास्टेराइड के बाद बने रहने वाले यौन लक्षण बताते हैं। यह दिखाता है कि डॉक्टरों और दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों को इन संभावित साइड इफ़ेक्ट के बारे में जानकारी होनी चाहिए, और इलाज में सिर्फ़ हार्मोन के स्तर पर नहीं, बल्कि मूड और यौन क्रिया पर भी ध्यान देना चाहिए। इसके पीछे के तंत्र को पूरी तरह समझने और प्रभावित लोगों के लिए असरदार इलाज विकसित करने के लिए और शोध ज़रूरी है।
प्रभावित लोगों के लिए जानकारी
अगर आप फ़िनास्टेराइड/Propecia के साइड इफ़ेक्ट से जूझ रहे हैं, तो हमारे WhatsApp सपोर्ट ग्रुप से जुड़कर मदद पा सकते हैं।
यह जानकारी डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकती। अपने इलाज के बारे में कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
570+ लोग रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं।
आप भी जुड़ें, फिर अपने साइड इफ़ेक्ट रिपोर्ट करें।
- अपनी बीमारी को रिकॉर्ड में दर्ज कराएँ
- जिन अध्ययनों में आप हिस्सा ले सकते हैं, उनकी खबर सबसे पहले पाएँ
- फिर अपने साइड इफ़ेक्ट की रिपोर्ट PvPI को करें