‹सभी लेखवैज्ञानिक शोध

आँतों से खाना गुज़रने का समय और सेहत पर इसका असर

खाना आँतों से कितनी तेज़ी से गुज़रता है (gut transit time), इसका असर आँतों के बैक्टीरिया, सेहत और आँत-दिमाग के संबंध से मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।

लेखक: Morten Skovप्रकाशित: अपडेट:
आँतों से खाना गुज़रने का समय और सेहत पर इसका असर

Gut जर्नल में छपा हाल का एक अध्ययन (अंग्रेज़ी में) शोधकर्ताओं Nicola Procházková, Gwen Falony, Lars Ove Dragsted, Tine Rask Licht, Jeroen Raes और Henrik M. Roager का है। इसमें उन्होंने गट ट्रांज़िट टाइम के उस असर की पड़ताल की है, जिस पर अक्सर ध्यान नहीं जाता: आँतों के बैक्टीरिया और कुल सेहत पर इसका असर। गट ट्रांज़िट टाइम का मतलब है, खाने को पूरे पाचन तंत्र से गुज़रने में लगने वाला समय। अध्ययन दिखाता है कि यह समय आँतों के बैक्टीरिया की बनावट और उनकी सक्रियता तय करने में अहम भूमिका निभाता है, और इसके ज़रिए हमारी सेहत के कई पहलुओं पर असर डालता है।

गट ट्रांज़िट टाइम हर व्यक्ति में काफ़ी अलग होता है, और इससे पाचन तंत्र में बैक्टीरिया की आबादी में बड़े बदलाव आ सकते हैं। खाना जल्दी गुज़रे, तो कार्बोहाइड्रेट का किण्वन (fermentation) बढ़ता है और शॉर्ट-चेन फ़ैटी एसिड (SCFA) जैसे फ़ायदेमंद पदार्थ बनते हैं। वहीं खाना धीरे गुज़रे, तो प्रोटीन का किण्वन ज़्यादा होता है। इससे ऐसे पदार्थ बनते हैं, जो pH और बैक्टीरिया का संतुलन बदलकर सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं।

यह शोध PFS (पोस्ट-फ़िनास्टेराइड सिंड्रोम) और PSSD (पोस्ट-SSRI सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन) जैसी तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों के लिए खास तौर पर अहम है। PSSD का मतलब है SSRI या SNRI एंटीडिप्रेसेंट बंद करने के बाद भी बनी रहने वाली यौन समस्याएँ। आँतों की सेहत, आँत और दिमाग के संबंध (gut-brain axis) के ज़रिए तंत्रिका तंत्र की सेहत से गहराई से जुड़ी है। इसलिए गट ट्रांज़िट टाइम में बदलाव इन बीमारियों के लक्षणों पर असर डाल सकते हैं, और शायद सेरोटोनिन और दूसरे न्यूरोट्रांसमीटर (दिमाग के रासायनिक संदेशवाहक) पर भी। यह अध्ययन इस ओर इशारा करता है कि बैक्टीरिया की बनावट और उनके काम को बदलकर, ट्रांज़िट टाइम मानसिक स्वास्थ्य और सोचने-समझने की क्षमता पर पहले की समझ से ज़्यादा असर डाल सकता है।

जैसे-जैसे आँतों की सेहत, खान-पान और बीमारियों के आपसी संबंधों की हमारी समझ गहरी हो रही है, यह अध्ययन माइक्रोबायोम पर होने वाले शोध में गट ट्रांज़िट टाइम को भी शामिल करने की बात कहता है। इससे कई बीमारियों के निदान और इलाज के बेहतर तरीके निकल सकते हैं। लेखकों के ये दिलचस्प नतीजे पूरे लेख (अंग्रेज़ी में) में पढ़ें।

यह जानकारी डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकती। अपने इलाज के बारे में कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।

PFS, PSSD, PAS रजिस्ट्री

570+ लोग रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं।
आप भी जुड़ें, फिर अपने साइड इफ़ेक्ट रिपोर्ट करें।

  • अपनी बीमारी को रिकॉर्ड में दर्ज कराएँ
  • जिन अध्ययनों में आप हिस्सा ले सकते हैं, उनकी खबर सबसे पहले पाएँ
  • फिर अपने साइड इफ़ेक्ट की रिपोर्ट PvPI को करें
लाइव 570+ लोग अब तक गिने गए हर बिंदु एक व्यक्ति है 62देश 3बीमारियाँ
अगर आपके लिए यह समय बहुत मुश्किल है: 14416 टेली मानस (Tele-MANAS), मुफ़्त, 24 घंटे+91 9999 666 555 Vandrevala Foundation (कॉल या WhatsApp, 24 घंटे)112 इमरजेंसी

PFS, PSSD, PAS रजिस्ट्री

570+ लोग रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं। आप भी जुड़ें।

जुड़ने में 3 मिनट लगते हैं · आपकी जानकारी कभी साझा नहीं की जाती