पैट्रिक की कहानी: दोबारा शुरू करने पर 1 डोज़
पैट्रिक ने सालों तक बिना किसी दिक्कत के escitalopram (Lexapro) ली, फिर उसे बंद किया। दोबारा शुरू करने पर एक डोज़ ने सब कुछ बदल दिया।
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सालों Lexapro, फिर दवा बंद करना
पैट्रिक जर्मनी में लंबे समय से एंटीडिप्रेसेंट (डिप्रेशन की दवा) ले रहे थे। उन्होंने सालों तक एस्सिटालोप्राम (escitalopram; Lexapro, भारत में Nexito) ली, और उन्हें दवा बंद करने के लक्षणों (withdrawal) की कोई समस्या नहीं हुई। ज़िंदगी के एक अच्छे दौर में उन्होंने यह दवा बंद करने का फ़ैसला किया।
वे बताते हैं कि दवा दोबारा शुरू करने पर सिर्फ़ एक डोज़ के बाद उन्हें गंभीर अकैथिसिया (akathisia, भारी अंदरूनी बेचैनी) हुआ, और साथ में भावनात्मक सुन्नपन, सोचने-समझने में दिक्कत, दौरे और पूरे शरीर में नसों को नुकसान भी। बाद में उन्हें एंटीसाइकोटिक दवाएँ, Seroquel और रिस्पेरिडोन (risperidone) दी गईं।
पैट्रिक क्या बताते हैं
- अस्पताल में भर्ती होना, और ऐसे डॉक्टर, जिन्होंने दवाओं से किसी भी संबंध से इनकार किया।
- उनके मुताबिक, बिना ठीक से चेतावनी दिए उन्हें और दवाएँ दी गईं।
- लंबे समय से चला आ रहा डिप्रेशन (अवसाद), बहुत ज़्यादा उदासीनता और शारीरिक दर्द।
- तंत्रिका तंत्र की ऐसी समस्याएँ, जिनकी वजह से, उनके मुताबिक, वे विकलांग हो गए हैं।
वे यह इंटरव्यू अपने माता-पिता को समर्पित करते हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया।
अपनी कहानी बताने के लिए पैट्रिक का धन्यवाद। यह इंटरव्यू Moral Medicine ने रिकॉर्ड किया है, जो ऐसी नब्बे से ज़्यादा बातचीत फ़िल्मा चुका है।
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