‹सभी लेखमरीज़ों के लिए मदद

क्या post-finasteride syndrome एक असली बीमारी है?

यह लेख post-finasteride syndrome (PFS) की असलियत और इसके लक्षणों को देखता है, और बताता है कि इसकी मान्यता और इस पर शोध क्यों ज़रूरी हैं।

लेखक: Morten Skovप्रकाशित: अपडेट:
क्या post-finasteride syndrome एक असली बीमारी है?

पोस्ट-फ़िनास्टेराइड सिंड्रोम (PFS) एक ऐसी बीमारी है, जिसके बारे में बहुत-से लोगों ने बताया है। इन लोगों में फ़िनास्टेराइड (finasteride; भारत में Finpecia और Finax, 5 mg की गोली Fincar नाम से) बंद करने के बाद भी यौन, मानसिक और शारीरिक लक्षण बने रहे। यह दवा आम तौर पर बढ़े हुए प्रोस्टेट (BPH) और गंजेपन के इलाज में इस्तेमाल होती है। चिकित्सा जगत में कुछ लोग अब भी इस पर बहस करते हैं कि यह बीमारी सच में होती है या नहीं। लेकिन बहुत-से मरीज़ों के अनुभव और नया शोध, दोनों मज़बूती से इस ओर इशारा करते हैं कि PFS एक असली और गंभीर बीमारी है, जिस पर और ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है।

PFS को समझना

PFS में कई तरह के लक्षण शामिल हैं: यौन समस्याएँ, एंग्ज़ायटी (लगातार घबराहट और बेचैनी), डिप्रेशन (अवसाद), और थकान व मांसपेशियों की कमज़ोरी जैसे शारीरिक लक्षण। ये लक्षण दवा बंद करने के बाद महीनों या सालों तक भी बने रह सकते हैं, और प्रभावित लोगों की ज़िंदगी पर गहरा असर डालते हैं।

PFS के पक्ष में वैज्ञानिक प्रमाण

वैज्ञानिकों ने PFS पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। शोध में इस सिंड्रोम के पीछे के कुछ संभावित जैविक तंत्र (mechanism) पहचाने गए हैं, जैसे एंड्रोजन रिसेप्टर और न्यूरोस्टेरॉयड (दिमाग में बनने और वहीं काम करने वाले हार्मोन) से जुड़ी जीन की सक्रियता (gene expression) में बदलाव। उदाहरण के लिए, Journal of Sexual Medicine (अंग्रेज़ी में) में छपे एक अध्ययन में PFS के मरीज़ों और तुलना के लिए शामिल स्वस्थ लोगों (control group) के बीच जीन की सक्रियता में उल्लेखनीय अंतर मिले। ये अंतर खासकर उन प्रक्रियाओं में थे, जो न्यूरोस्टेरॉयड के स्तर और एंड्रोजन रिसेप्टर की सक्रियता से जुड़ी हैं।

इसके अलावा, Baylor College of Medicine (अमेरिका का एक मेडिकल कॉलेज) में हुए शोध में उन युवा पुरुषों के लिंग की रक्त वाहिकाओं में गड़बड़ी की जाँच की गई, जिनमें गंजेपन (एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया) के लिए फ़िनास्टेराइड लेने के बाद साइड इफ़ेक्ट बने रहे। अध्ययन में सामने आया कि इनमें से काफ़ी पुरुषों की रक्त वाहिकाओं में बदलाव थे, और साथ में दूसरे बने रहने वाले लक्षण भी। इससे संकेत मिलता है कि PFS में शरीर के भीतर लंबे समय तक रहने वाले शारीरिक बदलाव भी शामिल हो सकते हैं।

शोध की ज़रूरत अब भी बनी हुई है

बढ़ते प्रमाणों के बावजूद, चिकित्सा जगत के कई हिस्सों में PFS को अब भी ठीक से पहचाना नहीं जाता। इसीलिए शोध का जारी रहना बहुत ज़रूरी है। PFS के पीछे के तंत्र को हम जितनी गहराई से समझेंगे, असरदार इलाज बनाने और मरीज़ों को वह मदद देने के उतने ही करीब पहुँचेंगे, जिसकी उन्हें सख्त ज़रूरत है।

मान्यता क्यों ज़रूरी है

PFS को एक असली बीमारी के रूप में मान्यता मिलना कई वजहों से बहुत ज़रूरी है। इससे इन लक्षणों से जूझ रहे लोगों के अनुभवों को सच माना जाता है, हल ढूँढने के लिए शोध को ज़्यादा पैसा मिलने में मदद मिलती है, और डॉक्टर और दूसरे स्वास्थ्यकर्मी इस बीमारी को गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित होते हैं। मरीज़ों के लिए यह मान्यता सही देखभाल और मदद पाने की ओर पहला कदम हो सकती है।

और पढ़ें

अगर आपको या आपके किसी जानने वाले को PFS के लक्षण हैं, तो डॉक्टर की सलाह लेना और अपने साइड इफ़ेक्ट रिपोर्ट करना ज़रूरी है। इस बीमारी को मान्यता दिलाने और आगे शोध बढ़ाने के लिए यह कदम बहुत अहम है। आप मरीज़ों की रजिस्ट्री से भी जुड़ सकते हैं, ताकि आपको PFS से जुड़ी नई जानकारी और मदद की पहलों के बारे में पता चलता रहे।

यह जानकारी डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकती। अपने इलाज के बारे में कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।

PFS, PSSD, PAS रजिस्ट्री

570+ लोग रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं।
आप भी जुड़ें, फिर अपने साइड इफ़ेक्ट रिपोर्ट करें।

  • अपनी बीमारी को रिकॉर्ड में दर्ज कराएँ
  • जिन अध्ययनों में आप हिस्सा ले सकते हैं, उनकी खबर सबसे पहले पाएँ
  • फिर अपने साइड इफ़ेक्ट की रिपोर्ट PvPI को करें
लाइव 570+ लोग अब तक गिने गए हर बिंदु एक व्यक्ति है 62देश 3बीमारियाँ
अगर आपके लिए यह समय बहुत मुश्किल है: 14416 टेली मानस (Tele-MANAS), मुफ़्त, 24 घंटे+91 9999 666 555 Vandrevala Foundation (कॉल या WhatsApp, 24 घंटे)112 इमरजेंसी

PFS, PSSD, PAS रजिस्ट्री

570+ लोग रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं। आप भी जुड़ें।

जुड़ने में 3 मिनट लगते हैं · आपकी जानकारी कभी साझा नहीं की जाती