जोसेफ़ की कहानी: 13 साल की उम्र में isotretinoin
फ़्रांस के जोसेफ़ ने 13 साल की उम्र में मुँहासों के लिए isotretinoin ली। वे बताते हैं कि कोर्स खत्म होने के महीनों बाद उन्हें गंभीर एंग्ज़ायटी शुरू हुई।
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13 साल की उम्र में आइसोट्रेटिनॉइन
जोसेफ़ फ़्रांस से हैं, और इस इंटरव्यू के समय उनकी उम्र 26 साल थी। 13 साल की उम्र में उन्होंने मुँहासों की दवा आइसोट्रेटिनॉइन (isotretinoin; Accutane, भारत में Isotroin और Sotret) ली थी।
वे बताते हैं कि शुरुआत में इससे उनके मुँहासों में फ़ायदा हुआ, और उनके लक्षण दवा का कोर्स खत्म होने के महीनों बाद शुरू हुए।
जोसेफ़ क्या बताते हैं
- गंभीर एंग्ज़ायटी (लगातार घबराहट और बेचैनी), पैनिक अटैक और डीरियलाइज़ेशन (आसपास की दुनिया का अवास्तविक लगना)।
- तनाव पर उनके शरीर और मन की प्रतिक्रिया में बहुत बड़ा बदलाव।
- ध्यान लगाने में दिक्कत, और खुशी और भावनात्मक स्थिरता का खो जाना।
- सालों तक जवाब ढूँढते रहना, जबकि डॉक्टर उनसे कहते रहे कि इसके लिए दवा ज़िम्मेदार नहीं हो सकती।
वे अपनी ज़िंदगी के सबसे कठिन दौर के बारे में बात करते हैं, इस बारे में कि उनके परिवार ने उनका कैसे साथ दिया, और कैसे ऑनलाइन समुदाय मिलने से उन्हें समझ आया कि वे अकेले नहीं हैं।
वे बताते हैं कि समय, धीरज और साथ से उनके लक्षणों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, और वे साफ़ कहते हैं कि वे पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं। Moral Medicine बताता है कि यह एक व्यक्ति का अनुभव है, डॉक्टरी सलाह नहीं।
यह कहानी सुनाने के लिए जोसेफ़ का शुक्रिया। यह इंटरव्यू Moral Medicine ने रिकॉर्ड किया है, जो ऐसी नब्बे से ज़्यादा बातचीत फ़िल्मा चुका है।
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