अमांडा की कहानी: Lexapro के 6 साल
अमेरिका की नर्स अमांडा को 22 साल की उम्र में escitalopram लिखी गई, और उन्होंने यह दवा 6 साल तक ली।
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अगर अभी ली जा रही किसी दवा को लेकर आपको चिंता है, तो दवा लिखने वाले डॉक्टर से इस बारे में बात करें।
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22 साल की उम्र में, एक मुश्किल दौर के लिए लिखी गई दवा
अमेरिका में रजिस्टर्ड नर्स अमांडा को 22 साल की उम्र में एस्सिटालोप्राम (escitalopram; Lexapro, भारत में Nexito) लिखी गई। उनकी ज़िंदगी के एक मुश्किल दौर में, हालात से पैदा हुई एंग्ज़ायटी (लगातार घबराहट और बेचैनी) के लिए यह दवा दी गई थी। वे 6 साल तक यह दवा लेती रहीं।
वे बताती हैं कि शुरुआत में दवा से कोई नुकसान नहीं लगा। सालों के दौरान उन्होंने अपनी भावनाओं, अपने व्यक्तित्व, अपनी शारीरिक सेहत और तनाव झेलने की अपनी क्षमता में बदलाव देखे, लेकिन इन्हें दवा से नहीं जोड़ा।
अमांडा क्या बताती हैं
- भावनात्मक सुन्नपन (भावनाएँ फीकी पड़ जाना), याददाश्त में कमी और सोचने-समझने में दिक्कत।
- बिना सोचे-समझे कुछ कर बैठना (impulsivity), बहुत ज़्यादा थकान और डीरियलाइज़ेशन (आसपास की दुनिया असली न लगना)।
- यह बढ़ता एहसास कि वे कोई ऐसी इंसान बनती जा रही थीं, जिसे वे खुद नहीं पहचानती थीं।
- जब उन्होंने दवा बंद की, तो दवा बंद करने के लक्षण (withdrawal) उससे कहीं ज़्यादा तेज़ थे, जितने के बारे में उन्हें कभी चेताया गया था। इसका मतलब लत नहीं है, सिर्फ़ इतना कि दवा बंद हुई है।
- नींद की समस्याएँ, बहुत ज़्यादा संवेदनशील तंत्रिका तंत्र, डिसऑटोनोमिया (dysautonomia: धड़कन और ब्लड प्रेशर जैसे शरीर के अपने-आप चलने वाले कामों में गड़बड़ी), हिस्टामिन के प्रति ज़्यादा प्रतिक्रिया और देखने से जुड़ी समस्याएँ।
वे कहती हैं कि इसका असर नर्स के रूप में उनके काम पर पड़ा और उनके रिश्तों में तनाव आया, और डॉक्टरों और दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों ने दवा से इसके संबंध को खारिज कर दिया। वे एक ऐसे मोड़ के बारे में बताती हैं, जब उनकी इंद्रियाँ फिर से जागने लगीं और अच्छी भावनाएँ लौटने लगीं।
उनका ठीक होना अभी जारी है। अब वे Antidepressant Coalition के साथ काम करती हैं और SSRI (सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर) बंद करने को लेकर बेहतर चेतावनियों और पूरी जानकारी के साथ दी गई सच्ची सहमति (informed consent) के लिए आवाज़ उठाती हैं।
यह कहानी बताने के लिए अमांडा का शुक्रिया। यह इंटरव्यू Moral Medicine ने रिकॉर्ड किया है, जो ऐसी नब्बे से ज़्यादा बातचीत फ़िल्मा चुका है।
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यह जानकारी डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकती। अपने इलाज के बारे में कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
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