माइकल की कहानी: finasteride के बाद PFS से संघर्ष
माइकल बताते हैं कि finasteride और dutasteride लेने के बाद पोस्ट-फ़िनास्टेराइड सिंड्रोम (PFS) के साथ उनका सफ़र कैसा रहा, और इसका असर कितना लंबा रहा।
फ़िनास्टेराइड और ड्यूटास्टेराइड के बाद PFS से माइकल का संघर्ष
माइकल ने बाल झड़ने की दो लोकप्रिय दवाएँ ली थीं: फ़िनास्टेराइड (finasteride; भारत में Finpecia और Finax) और ड्यूटास्टेराइड (dutasteride; भारत में Dutas)। वे अपने अनुभव बताते हैं, और उन गंभीर साइड इफ़ेक्ट के बारे में भी, जो इन दवाओं को लेने के दौरान रहे और बाद में भी उन्हें झेलने पड़ रहे हैं। उनकी कहानी दिखाती है कि पोस्ट-फ़िनास्टेराइड सिंड्रोम (PFS) किसी व्यक्ति की ज़िंदगी पर कितना गहरा असर डाल सकता है।
पोस्ट-फ़िनास्टेराइड सिंड्रोम (PFS) एक दुर्लभ लेकिन बेहद गंभीर बीमारी है। इसमें कई तरह के शारीरिक, तंत्रिका तंत्र से जुड़े और यौन साइड इफ़ेक्ट होते हैं, जो दवा बंद करने के बाद भी बने रह सकते हैं और बिगड़ भी सकते हैं। यह बीमारी ज़्यादातर उन युवा पुरुषों को होती है, जिन्होंने बालों के झड़ने के इलाज के लिए फ़िनास्टेराइड या ऐसी ही दूसरी दवाएँ ली हैं, और दुख की बात है कि अभी इसका कोई असरदार इलाज उपलब्ध नहीं है।
PFS का असर सिर्फ़ मरीज़ों पर नहीं पड़ता, उनके परिवार और दोस्तों पर भी बड़ा असर होता है। अक्सर इसका नतीजा विकलांगता और समाज से अलग-थलग पड़ जाना होता है, और यहाँ तक कि आत्महत्या भी। यह बहुत ज़रूरी है कि हर किसी को पूरी जानकारी मिले, ताकि वे अपनी सेहत के बारे में पूरी समझ के साथ फ़ैसले ले सकें।
Moral Medicine के काम में साथ दें
Moral Medicine की टीम माइकल जैसे मरीज़ों की कहानियाँ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि फ़िनास्टेराइड जैसी दवाओं से जुड़े गंभीर जोखिमों के बारे में जागरूकता फैले। उनका काम PFS से प्रभावित लोगों को अपने अनुभव बताने का एक अहम मंच देता है। उनके काम में साथ देने और ऐसी और असरदार कहानियाँ देखने के लिए Moral Medicine के YouTube चैनल (अंग्रेज़ी में) को सब्सक्राइब करें।
अगर आप PFS और इससे जुड़ी बीमारियों पर शोध में मदद करना चाहते हैं, तो PFS और PSSD शोध के लिए दान करें।
यह जानकारी डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकती। अपने इलाज के बारे में कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
570+ लोग रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं।
आप भी जुड़ें, फिर अपने साइड इफ़ेक्ट रिपोर्ट करें।
- अपनी बीमारी को रिकॉर्ड में दर्ज कराएँ
- जिन अध्ययनों में आप हिस्सा ले सकते हैं, उनकी खबर सबसे पहले पाएँ
- फिर अपने साइड इफ़ेक्ट की रिपोर्ट PvPI को करें